मुंबई , सितंबर 16 -- महाराष्ट्र में शिवसेना (यूबीटी) के नेता आदित्य ठाकरे ने बुधवार को दिशा सालियान मामले में खुद पर लगे आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें राजनीतिक रूप से प्रेरित और बदनामी फैलाने वाला अभियान करार दिया।

सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में उन्होंने दिवंगत सालियान के साथ किसी भी तरह की जान-पहचान या मुलाकात की बात से पूरी तरह इनकार किया है।

श्री ठाकरे ने कहा, "सभी अफवाहों पर विराम लगाने के लिए मैं एक बार फिर तथ्यों को स्पष्ट कर रहा हूं: मैं दिशा सालियान से कभी नहीं मिला और न ही उनसे मेरी कोई पहचान थी। पिछले छह वर्षों से राजनीतिक दुर्भावना और व्यक्तिगत द्वेष के कारण बिना किसी सबूत या संबंध के इस दुखद घटना से मेरा नाम बार-बार जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।"उन्होंने कहा कि लगातार मीडिया ट्रायल और दुर्भावनापूर्ण कहानियां सच्चाई को बदल नहीं सकतीं। उन्होंने एक निष्पक्ष कानूनी प्रक्रिया का स्वागत करते हुए कहा, "आधिकारिक एजेंसियों को बिना किसी हस्तक्षेप, उत्पीड़न या राजनीतिक दबाव के इस नए मामले की निष्पक्ष जांच करने दी जाए। जो लोग यह सोचते हैं कि चरित्र हनन और झूठे प्रचार के माध्यम से वे हमें चुप करा सकते हैं, वे भ्रम में जी रहे हैं। अन्याय के खिलाफ हमारी लड़ाई जारी रहेगी।"उल्लेखनीय है कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने सेलिब्रिटी मैनेजर दिशा सालियान की 2020 में हुई मृत्यु के मामले में बॉम्बे उच्च न्यायालय के निर्देशों के बाद एक नई प्राथमिकी दर्ज की है। दिशा के पिता सतीश सालियान के बयान के आधार पर दर्ज इस प्राथमिकी में आपराधिक साजिश, हत्या, सामूहिक दुष्कर्म, साक्ष्य मिटाने और मामले को दबाने से संबंधित धाराएं जोड़ी गई हैं।

प्राथमिकी में पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे और पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख सहित कई प्रमुख नेताओं, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों तथा बॉलीवुड से जुड़े लोगों (डीनो मॉरिया, सूरज पंचोली और रिया चक्रवर्ती) के नाम हैं जिनकी भूमिका की जांच की जानी है।

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