चंडीगढ़ , जून 11 -- हरियाणा में सुलभता और समावेशिता को बढ़ावा देने की दिशा में राज्य सरकार ने दिव्यांग व्यक्तियों के लिए आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रमों में सांकेतिक भाषा व्याख्या सहायता उपलब्ध कराने की पहल शुरू की है। इस संबंध में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने राज्य के सभी प्रशासनिक सचिवों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।

जारी निर्देशों में केन्द्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) के कार्यालय ज्ञापन का उल्लेख किया गया है, जिसमें दिव्यांग व्यक्तियों, विशेषकर श्रवण बाधित और संचार संबंधी अक्षमताओं वाले लोगों के लिए सरकारी प्रशिक्षण कार्यक्रमों को अधिक सुलभ बनाने पर जोर दिया गया है।

कार्यालय ज्ञापन में दिव्यांग व्यक्तियों के लिए मुख्य आयुक्त (सीसीपीडी) की सिफारिशों का हवाला देते हुए प्रशिक्षण कार्यक्रमों में समावेशी भागीदारी और उचित सुविधाएं सुनिश्चित करने की आवश्यकता बताई गई है। इसके तहत सभी सरकारी विभागों और प्रशिक्षण संस्थानों को प्रशिक्षण सत्रों के दौरान सांकेतिक भाषा दुभाषियों तथा अन्य आवश्यक सुलभता सेवाओं की उपलब्धता का आकलन करने और उन्हें सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

सरकार ने कहा है कि सांकेतिक भाषा अनुवाद श्रवण बाधित व्यक्तियों के प्रभावी संवाद और सहभागिता के लिए एक महत्वपूर्ण माध्यम है। यह कदम क्षमता निर्माण, कौशल विकास और अन्य सरकारी प्रशिक्षण गतिविधियों में दिव्यांग व्यक्तियों की समान भागीदारी सुनिश्चित करने में सहायक होगा।

हरियाणा सरकार ने सभी विभागों को केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई करने तथा प्रशिक्षण कार्यक्रमों में सुलभता मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

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