गौतमबुद्धनगर , जुलाई 03 -- उत्तर प्रदेश में गौतमबुद्धनगर में मानसिक एवं बहु-दिव्यांगजनों को कानूनी संरक्षण उपलब्ध कराने की दिशा में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में लोकल लेवल कमेटी (एलएलसी) की बैठक का आयोजन किया गया।
बैठक में नेशनल ट्रस्ट एक्ट-1999 के तहत प्राप्त 11 आवेदनों पर विचार करते हुए सभी पात्र मामलों में कानूनी संरक्षकता प्रमाण पत्र जारी करने की सहमति प्रदान की गई।
जिलाधिकारी ने आज आयोजित बैठक के संबंध में जानकारी साझा करते हुए बताया कि बैठक में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार की योजना के तहत ऑटिज्म, सेरेब्रल पाल्सी, मानसिक मंदता (इंटेलेक्चुअल डिसएबिलिटी) एवं बहु-दिव्यांगता से ग्रसित व्यक्तियों को कानूनी संरक्षकता प्रदान किए जाने से संबंधित मामलों की समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी एवं समिति के अन्य सदस्यों ने प्रत्येक आवेदन का विस्तार से परीक्षण किया और पात्र दिव्यांगजनों के अभिभावकों को कानूनी संरक्षक नियुक्त करने के लिए संरक्षकता प्रमाण पत्र जारी करने का निर्णय लिया।
संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि पोर्टल पर लंबित सभी संरक्षकता संबंधी आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि पात्र दिव्यांगजनों एवं उनके परिवारों को समय पर कानूनी अधिकार और सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों के हितों की सुरक्षा और उनके अधिकारों का संरक्षण प्रशासन की प्राथमिकता है तथा किसी भी पात्र व्यक्ति को अनावश्यक विलंब का सामना नहीं करना चाहिए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी भालचंद्र त्रिपाठी, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी आशीष कुमार सिंह, डिप्टी कलेक्टर विवेक भदौरिया, जिला कृषि अधिकारी विवेक दुबे, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. टीकम सिंह सहित स्वैच्छिक संस्था के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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