उदयपुर , सितम्बर 12 -- राजस्थान में उदयपुर में प्रताप गौरव केन्द्र 'राष्ट्रीय तीर्थ' में मुगल आक्रांताओं पर महाराणा प्रताप की निर्णायक जीत के साक्षी दिवेर युद्ध विजय की स्मृति के उपलक्ष्य में 16 से 26 सितम्बर तक दिवेर विजय महोत्सव-2026 का आयोजन किया जायेगा।
वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप समिति के अध्यक्ष प्रो. भगवती प्रकाश शर्मा ने शनिवार को यहां पत्रकारों को बताया कि दिवेर युद्ध ऐसा युद्ध था जिसमें मुगल सैनिकों ने आत्मसमर्पण किया था। प्रताप गौरव केन्द्र इसी शौर्य और गौरवपूर्ण इतिहास को जन-जन तक पहुंचाने के लिए तीन वर्ष से दिवेर विजय महोत्सव का आयोजन कर रहा है।
उन्होंने बताया कि अगले कुछ समय में समिति की विभिन्न स्थानों पर उपसमितियां बनायी जायेंगी, जिसके तहत यह महोत्सव एवं अन्य आयोजन सूक्ष्म इकाइयों तक पहुंचाने का प्रयास किया जायेगा।
इस अवसर पर माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष हनुमान सिंह राठौड़ ने कहा कि दिवेर युद्ध ने समाज में यह आत्मविश्वास जगाया कि विदेशी आक्रांताओं पर विजय प्राप्त की जा सकती है। कालांतर में भारत से बाहर अन्य देशों में जब औपनिवेशिक साम्राज्य से स्वतंत्रता के लिए संघर्ष हुए, वहां भी महाराणा प्रताप और छत्रपति शिवाजी आदर्श बने। हमारे लिए दिवेर की माटी भी हल्दीघाटी की माटी के समान ही पूजनीय है, इस बात को जनमानस तक पहुंचाने का प्रयास प्रताप गौरव केन्द्र कर रहा है।
उन्होंने बताया कि 16 सितम्बर को सायंकाल छह बजे महोत्सव का उद्घाटन होगा। इसमें मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के राजस्थान क्षेत्र प्रचारक निम्बाराम और मुख्य अतिथि राज्य के जनजाति मंत्री बाबूलाल खराड़ी होंगे।
श्री राठौड़ ने बताया कि इसी दिन दिवेर विजय एवं मेवाड़ की शौर्यगाथा की चित्र प्रदर्शनी का भी उद्घाटन होगा। इस बार दिवेर विजय पर विशेष नुक्कड़ नाटक तैयार किया गया है। नुक्कड़ नाटक के अलग दल 16 से 26 सितम्बर के बीच करीब 40 स्थानों पर इसका मंचन करेंगे।
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