नयी दिल्ली , अक्टूबर 21 -- केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के 'क्लाइमेट ट्रेंड्स 'के आंकड़ों के अनुसार दिवाली के बाद दिल्ली की वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) में तेजी से गिरावट आयी और सूक्ष्म प्रदूषक कणों (पीएम 2.5) का स्तर पिछले पांच वर्षों में अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गया।

शोध और सलाहकार समूह 'क्लाइमेट ट्रेंड्स' ने सीपीसीबी के आंकड़ों के विश्लेषण के आधार पर बताया कि दिवाली के बाद के 24 घंटों में पीएम 2.5 की औसत सांद्रता 488 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर तक पहुंच गई, जो त्योहार से पहले के स्तर 156.6 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर से तीन गुना से भी अधिक है।

उन्होंने कहा कि इस साल दिवाली के बाद प्रदूषण का स्तर पिछले पाँच वर्षों में सबसे खराब रहा। रिपोर्ट में 2021 से 2025 तक प्रति घंटे पीएम 2.5 के आंकड़ों का अध्ययन किया गया जिसमे पाया गया कि दिवाली के दौरान हर साल प्रदूषण में निरंतर वृद्धि होती है लेकिन 2025 में यह पाँच साल में सबसे अधिक दर्ज किया गया।

आंकड़े बताते हैं कि दिवाली की रात का प्रदूषण आमतौर पर त्योहार से पहले के स्तर से दोगुना या तिगुना हो जाता है, लेकिन इस साल दिवाली के बाद का प्रदूषण विशेष रूप से गंभीर था, जो व्यापक रूप से पटाखों के इस्तेमाल के कारण हुआ है।

आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले वर्षों में, औसत पीएम 2.5 का स्तर 2021 में 163.1 से बढ़कर 454.5, 2022 में 129.3 से बढ़कर 168, 2023 में 92.9 से बढ़कर 319.7 और 2024 में 204 से बढ़कर 220 हो गया।

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