रायपुर/अंबिकापुर , मार्च 30 -- छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग के लिए आज राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से अंबिकापुर के लिए पहली सीधी हवाई सेवा शुरू हुई।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायपुर से वर्चुअली इस सेवा का शुभारंभ किया। इसके साथ ही अंबिकापुर, प्रदेश के दूसरे ऐसे शहर के रूप में उभरा, जहां से राष्ट्रीय राजधानी के लिए सीधी उड़ानें संचालित होंगी।

आज सुबह 7:50 बजे दिल्ली से रवाना हुआ एलायंस एयर का 72-सीटर एटीआर विमान करीब ढाई घंटे की यात्रा के बाद अंबिकापुर के मां महामाया एयरपोर्ट, दरिमा पर उतरा। इस पहली उड़ान के आगमन के साथ ही क्षेत्र के हजारों लोगों का सालों पुराना सपना साकार हुआ। यात्रियों में काफी उत्साह देखा गया और उन्होंने इस यात्रा को अपने लिए एक सुखद और सुगम अनुभव बताया।

श्री साय ने हवाई सेवा के शुभारंभ कार्यक्रम के बाद कहा कि यह सरगुजा के विकास की दिशा में एक बड़ा कदम है। स्थानीय सांसद चिंतामणि महराज, कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल और बड़ी संख्या में प्रशासनिक अधिकारियों एवं स्थानीय लोगों ने इस अवसर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

यात्रियों ने इस नई हवाई सेवा को लेकर गहरी संतुष्टि जताई। एक यात्री ने बताया कि दिल्ली से ट्रेन या बस के माध्यम से यहां आने में पूरा दिन लग जाता था, लेकिन अब यह दूरी कुछ ही घंटों में तय हो गई। इससे समय की बचत के साथ-साथ यात्रा के दौरान होने वाली थकान से भी राहत मिली।

कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल ने इस अवसर पर कहा कि हवाई सेवाओं के शुरू होने से सरगुजा वासियों को बड़े शहरों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त करने में काफी मदद मिलेगी। साथ ही, इससे शिक्षा और पर्यटन क्षेत्र को भी विशेष रूप से लाभ होगा। स्थानीय सांसद चिंतामणि महराज ने इसे दस वर्षों के अथक प्रयासों का फल बताते हुए केंद्र और राज्य सरकार को आभार व्यक्त किया।

यह उड़ान सेवा सप्ताह में केवल दो दिन (सोमवार और बुधवार) संचालित होगी। अपने पहले दिन सोमवार को अंबिकापुर से सीधे दिल्ली के लिए उड़ान भरी गई, जबकि बुधवार को यह विमान बिलासपुर होते हुए दिल्ली जाएगा। सांसद चिंतामणि महराज इस पहली उड़ान से दिल्ली रवाना हुए। दिल्ली के लिए किराया 6500 रुपए निर्धारित किया गया है।

इसी तरह दो अप्रैल से अंबिकापुर को कोलकाता से भी हवाई मार्ग से जोड़ा जा रहा है। यह सेवा सप्ताह में दो दिन (गुरुवार और शनिवार) संचालित होगी। इस रूट के लिए किराया 6000 रुपए तय किया गया है।

मुख्यमंत्री साय ने यह भी संकेत दिया कि भविष्य में वाराणसी के लिए भी हवाई सेवा शुरू करने की योजना है।

केंद्र सरकार की क्षेत्रीय संपर्क योजना 'उड़ान' के तहत इसका विकास किया गया। रनवे की लंबाई 1500 मीटर से बढ़ाकर 1800 मीटर की गई है, ताकि एटीआर जैसे बड़े विमान यहां उतर सकें। एयरपोर्ट के विकास पर लगभग 48.25 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इसे 72 यात्रियों की क्षमता वाले आधुनिक टर्मिनल भवन, वाहनों की पार्किंग और फोरलेन सड़क जैसी सुविधाओं से लैस किया गया है।

सरगुजा सांसद चिंतामणि महराज ने कहा कि यह सेवा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, नागरिक उड्डयन मंत्री और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निरंतर प्रयासों का परिणाम है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के साथ, सरगुजा संभाग अब सीधे तौर पर देश के दो प्रमुख महानगरों - दिल्ली और कोलकाता से जुड़ गया है। इससे व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलने के साथ निवेश की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। साथ ही, गंभीर मरीजों को बड़े शहरों में शीघ्र उपचार के लिए पहुंचाना अब आसान होगा, जो इस क्षेत्र के लिए एक बड़ी राहत है।

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