नयी दिल्ली , मार्च 26 -- आम आदमी पार्टी (आप) ने गुरुवार को कहा कि दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार का स्वच्छ हवा के लिए 21 फीसद बजट देने का दावा पूरी तरह जुमला है।
आप के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने आज यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि भाजपा की रेखा गुप्ता सरकार के बजट को ग्रीन बजट बताकर खूब हल्ला मचाया जा रहा है। पूरी सरकार ग्रीन बजट का प्रचार करने में जी जान से जुटी है और मीडिया में असलियत को छिपाकर फर्जी कहानी प्लांट कराई जा रही है। सरकार का दावा है कि ग्रीन बजट के तहत सरकार ने दिल्ली को साफ सुथरी हवा देने के लिए 22 हजार करोड़ रुपए का भारी भरकम बजट आवंटित किया है। इस 22 हजार करोड़ से क्या क्या काम किए जाएंगे और ये 22 हजार रुपए आयेंगे कहां से, इन बिंदुओं पर कोई विस्तृत चर्चा नहीं हो रही है।
श्री भारद्वाज ने कहा, "मेरे मन में सवाल उपजा कि अगर दिल्ली की हवा साफ करने के लिए 22 हजार करोड़ रुपए दिए जा रहे हैं तो कहीं से तो किसी न किसी दूसरे मद से बजट काटे गए होंगे। सरकार कहीं का पैसा काटेगी तभी तो देगी, क्योंकि बजट तो लगभग एक लाख करोड़ रुपए का ही है, जितना पिछले साल का था। इसमें भी सरकार ने 20 हजार करोड़ रुपए उधार लिए हैं। सोलह हजार 700 करोड़ रुपए ओपन मार्केट से और बाकी पैसा केंद्र सरकार से उधार लिया है। बजट आवंटन को मैने देखा कि उधार के इस एक लाख करोड़ रुपए के बजट में पिछले साल किस सेक्टर में कितना पैसा दिया गया था। उन सेक्टर्स के बजट में कटौती करके ही 22 हजार करोड़ रुपए पर्यावरण के लिए दिए गए होंगे।
उन्होंने कहा, " मैंने पाया कि शिक्षा का बजट करीब 19 हजार करोड़ रुपए है जो पिछले साल जितना ही है। स्वास्थ्य का बजट पिछले साल 12 हजार 800 करोड़ रुपए था, इस साल 13 हजार करोड़ रुपए है। ट्रांसपोर्ट, सड़क और पुलों के लिए पिछले साल 12 हजार 952 करोड़ रुपए थे, इस बार 12 हजार 613 करोड़ रुपए हैं जो लगभग बराबर है। पानी में वैसा का वैसा 9000 करोड़ रुपए है। बिजली में लगभग 4000 करोड़ रुपए और समाज कल्याण में भी लगभग 10 हजार करोड़ वैसा का वैसा ही है। ऐसे में सवाल उठता है कि सरकार ने 22 हजार करोड़ रुपए कहां से निकाला है जो पर्यावरण के लिए दे दिया गया? पूरे बजट हमें इसका कोई जवाब नहीं मिलता।"आप नेता ने कहा कि बड़ी तलाश के बाद एक मीडिया में 22 हजार करोड़ रुपए का मोटा-मोटा हिसाब मिला। इसमें एक्सपेंशन ऑफ मेट्रो के लिए करीब 3 हजार करोड़ रुपए रखे गए हैं, जो हर साल सरकार की तरफ से जाते हैं, इसमें नया क्या है? पीडब्ल्यूडी और एमसीडी की सड़कों, फ्लाईओवर और आरआरटीएस के लिए भी उसी तरह पैसे दिए गए हैं, जो लगभग हर साल सरकार द्वारा दिए जाते हैं। वाटर स्प्रिंकलर मशीनें पिछले पांच साल से दिल्ली में चल रही हैं और उनके लिए हर साल पैसा आवंटित किया जाता है। यमुना और वाटर बॉडीज के जीर्णाेद्धार, इलेक्ट्रिक बसों, महिलाओं के लिए पिंक टिकट और ई-रिक्शा के लिए भी हर साल इसी तरह पैसा आवंटित किया जाता है।
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