नयी दिल्ली , अगस्त 18 -- दिल्ली सरकार की महत्वाकांक्षी दिल्ली लक्ष्मी योजना के अंतर्गत पात्र महिलाओं को एक सितंबर से पेंशन की राशि सीधे उनके बैंक खातों में पहुंचनी शुरू हो जायेगी।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को दिल्ली लक्ष्मी योजना की समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने कहा कि योजना की सफलता के लिए जिला स्तरीय समितियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने समितियों के पदाधिकारियों से कहा कि प्रत्येक आवेदन की पूरी गंभीरता से जांच और निगरानी की जाए ताकि पात्र महिलाओं को बिना अनावश्यक देरी के योजना का लाभ मिल सके। जांच प्रक्रिया जितनी तेजी से पूरी होगी, मामलों का निस्तारण उतनी ही जल्दी होगा और पात्र महिलाओं तक पेंशन पहुंचाने की प्रक्रिया भी तेज होगी।

उन्होंने बताया कि इस योजना को लेकर 27 अगस्त को तालकटोरा स्टेडियम में कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा। कार्यक्रम में शुरुआत के तौर पर पात्र महिलाओं को पेंशन का आधिकारिक पत्र सौंपा जायेगा, जबकि एक सितंबर से पेंशन की राशि सीधे उनके बैंक खातों में पहुंचनी शुरू हो जायेगी। यह प्रक्रिया लगातार जारी रहेगी और पात्र महिलाओं को नियमित रूप से योजना का लाभ मिलता रहेगा।

उन्होंने कहा कि जिला स्तरीय समितियों में स्थानीय जनप्रतिनिधि भी शामिल हैं। ऐसे में यदि किसी आवेदन में कोई तथ्य संदिग्ध प्रतीत होता है तो उसकी गंभीरता से जांच की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो। उन्होंने बताया कि सरकार दिल्ली लक्ष्मी योजना के आधिकारिक पोर्टल पर जल्द ऐसी व्यवस्था करने जा रही है, जिसके तहत जिन पात्र महिलाओं ने आवेदन में गलत अथवा अधूरी जानकारी दर्ज कर दी है, उन्हें उसमें सुधार कर दोबारा अवसर दिया जा सकेगा। अभी तक योजना के क्रियान्वयन में किसी समस्या की सूचना नहीं मिली है, इसका प्रमुख कारण जिला स्तरीय समितियों द्वारा गंभीरता से किया जा रहा कार्य है। उन्होेंने समिति पदाधिकारियों से योजना को सफल बनाने के लिए निरंतर प्रयास करने तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ लगातार समन्वय बनाये रखने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने बैठक में बताया कि योजना के शुभारंभ के बाद महज 18 दिनों में करीब आठ लाख महिलाओं ने पोर्टल पर पंजीकरण कराया है, जबकि पांच लाख से अधिक आवेदन अंतिम रूप से जमा किए जा चुके हैं। इतने कम समय में दिल्ली की महिलाओं की ओर से मिला यह अभूतपूर्व समर्थन ऐतिहासिक है। इससे पहले सरकार की किसी योजना को इतने कम समय में इस स्तर का जनप्रतिसाद नहीं मिला है। यह अपने आप में एक रिकॉर्ड है और ये आंकड़े महिला सशक्तिकरण की इस योजना के प्रति दिल्ली की महिलाओं के बढ़ते विश्वास को दर्शाते हैं।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित