नयी दिल्ली , अक्टूबर 13 -- दिल्ली सरकार ने राजधानी में प्रदूषण नियंत्रण और स्वच्छ सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए मंगलवार को 150 नयी इलेक्ट्रिक बसें शुरू कीं और वायु गुणवत्ता की निगरानी के लिए 13 नए वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्रों का उद्घाटन किया।
केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेन्द्र यादव और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सेवा संकल्प अभियान के तहत आनंद विहार अंतरराज्यीय बस अड्डे (आईएसबीटी) से नयी बसों को हरी झंडी दिखायी। इस दौरान आनंद विहार, नंद नगरी, रोहिणी सेक्टर-37, नांगलोई और केशोपुर में ईवी चार्जिंग स्टेशनों का भी उद्घाटन किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार प्रदूषण की चुनौती से निपटने के लिए मिशन मोड में काम कर रही है। सार्वजनिक परिवहन को स्वच्छ, आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के साथ आवश्यक बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 150 नयी इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत और पांच स्थानों पर चार्जिंग स्टेशन चालू होने से स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा मिलेगा। केंद्र सरकार के सहयोग, आधुनिक तकनीक और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय से प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों को और प्रभावी बनाया जाएगा।
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि प्रदूषण की रोकथाम के लिए संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय कर समयबद्ध कार्रवाई की जा रही है। आनंद विहार जैसे प्रदूषण प्रभावित क्षेत्रों में यातायात जाम, सड़कों और निर्माण स्थलों से उड़ने वाली धूल, खुले में कचरा एवं बायोमास जलाने तथा औद्योगिक प्रदूषण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने शास्त्री पार्क स्थित दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) के इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) को प्रदूषण के खिलाफ कार्रवाई करने वाले वॉर रूम की संज्ञा देते हुए कहा कि यहां कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), आधुनिक कैमरों और बॉडी कैमरों की मदद से निगरानी की जा रही है।
श्री सिरसा ने कहा कि आईसीसीसी के माध्यम से 700 से अधिक निर्माण स्थलों, मैकेनिकल रोड स्वीपर्स, वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्रों, वायु रक्षक टीमों और खुले में कचरा जलाने जैसी गतिविधियों पर वास्तविक समय में नजर रखी जा रही है। निगरानी व्यवस्था के तहत प्राप्त आंकड़ों के आधार पर संबंधित एजेंसियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए निर्देश दिया गया है। तेरह नये कंटीन्यूअस एम्बिएंट एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशनों के शुरू होने से दिल्ली में ऐसे केंद्रों की संख्या बढ़कर 60 हो गयी है। ये केंद्र पीएम 2.5 और पीएम 10 सहित प्रमुख प्रदूषकों की लगातार निगरानी करेंगे।
परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने बताया कि 150 नयी इलेक्ट्रिक बसों के शामिल होने से दिल्ली में ई-बसों की संख्या बढ़कर 5,238 हो गयी है। राजधानी के कुल बस बेड़े में लगभग 6,988 बसें हैं, जिनमें 1,750 सीएनजी बसें शामिल हैं। सरकार का लक्ष्य वित्त वर्ष 2028-29 तक बसों की कुल संख्या बढ़ाकर लगभग 14,000 करना है। नयी इलेक्ट्रिक बसें वातानुकूलित और लो-फ्लोर हैं। इनमें सीसीटीवी कैमरे, पैनिक बटन, रियल-टाइम ट्रैकिंग और दिव्यांग यात्रियों के लिए सुविधाएं उपलब्ध हैं।
सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को प्रोत्साहित करने के लिए पांच स्थानों पर सार्वजनिक ईवी चार्जिंग स्टेशन भी शुरू किये हैं। आनंद विहार आईएसबीटी में 240 किलोवाट क्षमता के आठ और 60 किलोवाट क्षमता के दो चार्जर लगाए गये हैं। यहां बिजली आपूर्ति के लिए 1,600 केवीए क्षमता का सब-स्टेशन भी बनाया गया है।
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