नयी दिल्ली , अगस्त 03 -- राष्ट्रीय राजधानी के जगतपुरी इलाके में संपत्ति विवाद के कारण पत्नी की हत्या करने के आरोप में इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियर को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस ने दावा किया कि सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी जांच और वित्तीय लेन-देन की जानकारी के आधार पर इस हत्या की गुत्थी कुछ दिनों में सुलझा ली गई।

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, 30 जुलाई की रात जगतपुरी स्थित घर के ड्रॉइंग रूम में कोमल (50) का खून से लथपथ शव मिला था। उनका बेटा गौरव जब घर पहुंचा, तो उसने अपनी मां को सोफे के पास मृत पाया। उनके शरीर पर चोट के कई निशान थे। पुलिस अधिकारी ने बताया कि शुरुआत में महिला के हाथ में मिली खून लगी कैंची को हत्या का हथियार माना गया लेकिन बाद की जांच में यह पुलिस को गुमराह करने की कोशिश साबित हुई।

पुलिस ने बताया कि गौरव ने जांचकर्ताओं को जानकारी दी थी कि उस सुबह माता-पिता के बीच एक संपत्ति की रजिस्ट्री को लेकर तीखी बहस हुई थी, जिसके बाद वह और उसकी बहन काम के लिए घर से निकल गए थे। शाम को जब मां को बार-बार फोन करने पर कोई जवाब नहीं मिला, तो वह रात करीब सवा नौ बजे घर वापस आया और चाबी से फ्लैट का ताला खोलकर अंदर गया, जहाँ मां को मृत पाकर पुलिस को सूचना दी।

इस सिलसिले में 31 जुलाई को जगतपुरी थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) (हत्या करना) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

जांच के दौरान पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से जांच की। पुलिस का दावा है कि बच्चों के घर से जाने के बाद फुटेज में केवल आरोपी कमल सिंह और मृतका ही घर के अंदर नजर आए। जांचकर्ताओं के अनुसार, फुटेज में एक महिला की चीख सुनाई दी और इसके बाद आरोपी कमल कथित तौर पर एक बैग में हथियार (तलवार) रखकर घर से बाहर निकलता हुआ दिखाई दिया।

पुलिस ने बताया कि वित्तीय रिकॉर्ड से यह भी पता चला कि भूमिगत होने से पहले कमल ने लगभग सात लाख रुपये निकाले थे। तकनीकी निगरानी के जरिए उसकी गतिविधियों पर नजर रखते हुए जांचकर्ताओं ने बताया कि वह पहले नेपाल भागने की योजना के तहत गोरखपुर की ओर गया था लेकिन पुलिस को चकमा देने के लिए उसने अपना रास्ता बदलकर मथुरा की तरफ रुख कर लिया।

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