नयी दिल्ली , मार्च 02 -- दिल्ली में एक चौंकाने वाली घटना में, कथित रूप से लालच में आकर एक व्यक्ति की उसके दोस्तों एवं साथियों ने हत्या कर दी और उसके शरीर के टुकड़े-टुकड़े कर यमुना में फेंक दिया। एक अधिकारी ने सोमवार को बताया कि पीड़ित ने कथित रुप से पैसा देने से इनकार कर दिया था।

यह हत्या 18 फरवरी को हुई थी और इस मामले में एक महिला समेत चार लोगों को हिरासत में लिया गया है। मुख्य आरोपी हैप्पी उर्फ सूरज ने लगभग एक साल पहले अनरूप गुप्ता से दोस्ती की थी। गुप्ता छत्तीसगढ़ सदन में एक कैंटीन चलाते थे। पुलिस के अनुसार, इसी दौरान आरोपियों ने गुप्ता द्वारा अक्सर पहने जाने वाले सोने के गहनों पर लालच किया और उन्हें पता चला कि वह अपने परिवार से अलग रह रहे हैं।

द्वारका के पुलिस उपायुक्त अंकित सिंह ने कहा कि 18 फरवरी को हैप्पी ने गुप्ता को मटियाला एक्सटेंशन स्थित अपने किराए के मकान में बुलाया था।

उन्होंने आगे कहा कि हैप्पी और उसके साथियों पर गुप्ता को बांधकर लाठियों से पीटने और उससे पैसे मांगने का आरोप है। गुप्ता ने आरोपियों को बताया कि उन्होंने अपनी सोने की अंगूठियां और कंगन छत्तीसगढ़ सदन में खड़ी अपनी एसयूवी में रखा है। आरोपियों ने कथित रूप से जबरदस्ती उनके कार की चाबियां छीन लीं और सोने के गहने निकाल लिए। जब गुप्ता ने पैसे देने से इनकार किया तो उन्होंने उसकी पिटाई की।

पुलिस उपायुक्त अंकित सिंह ने अपने बयान में कहा, "हैप्पी ने कथित रूप से एक बड़े चाकू से गुप्ता के शव के टुकड़े-टुकड़े किए, जिन्हें बाद में तीन प्लास्टिक बैग में रखा। इन बैगों को गुप्ता की एसयूवी में उत्तर प्रदेश के वृंदावन ले जाकर यमुना नदी में फेंक दिया।"जांचकर्ताओं को गुमराह करने के लिए आरोपियों ने कथित रूप से गुप्ता का मोबाइल फोन कार में ही छोड़ दिया और उसे बंद नहीं किया। उन्होंने गुप्ता के फोन से छत्तीसगढ़ सदन कैंटीन के कर्मचारियों को संदेश भी भेजा, जिसमें उन्हें कैंटीन बंद करके घर जाने का निर्देश दिया गया था।

आरोपी ने कथित रूप से गुप्ता के परिवार को एक संदेश भेजा, जिसमें झूठा दावा किया गया था कि वह गोवा गया हुआ है और उसे परेशान न किया जाए। यह मामला 23 फरवरी को तब सामने आया जब गुप्ता के परिवार ने उनसे संपर्क न होने और उनकी एसयूवी के लापता होने के बाद दिल्ली के द्वारका उत्तर पुलिस स्टेशन में उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।

पुलिस ने कहा कि मामले की जांच करते हुए उन्होंने पीड़ित की गतिविधियों का पता लगाने के लिए टोल प्लाजा और घटनास्थल से सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा की। जांचकर्ताओं ने पाया कि गुप्ता ने 18 फरवरी को बाइक राइड बुक की थी और छत्तीसगढ़ सदन में अपनी एसयूवी खड़ी करके मटियाला एक्सटेंशन की ओर रवाना हुए थे। सीसीटीवी फुटेज में उन्हें उस स्थान पर एक इमारत में प्रवेश करते हुए देखा गया।

कॉल डिटेल रिकॉर्ड का विश्लेषण कर पुलिस ने उस चालक की पहचान की जिसने गुप्ता को उस स्थान तक पहुंचाया था। सीसीटीवी फुटेज से पीड़ित की एसयूवी की असामान्य गतिविधि का भी पता चला जिसमें 19 और 20 फरवरी की रात को यमुना एक्सप्रेसवे की ओर जाने से पहले उसे इमारत के तहखाने में प्रवेश करते और निकलते हुए देखा गया।

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