नयी दिल्ली , जुलाई 15 -- दिल्ली सरकार ने राजधानी में महिलाओं की सुरक्षित, सम्मानजनक और सुविधाजनक यात्रा सुनिश्चित करने के लिए केवल महिलाओं के लिए समर्पित लेडीज स्पेशल इलेक्ट्रिक बस नेटवर्क शुरू करने का फैसला किया है।
दिल्ली के परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा को और मजबूत करना तथा सामान्य बस सेवाओं में भीड़भाड़ कम करना है। उन्होंने बताया कि इन रूटों का चयन उन कॉरिडोर के आधार पर किया गया है, जहां महिला यात्रियों की आवाजाही सबसे अधिक रहती है। लेडीज स्पेशल बसें सुबह करीब 7:52 बजे से 9 बजे तक तथा शाम 4:32 बजे से 6:15 बजे तक संचालित होंगी, जिससे कार्यालय आने-जाने वाली महिलाओं को विशेष सुविधा मिलेगी। वहीं यूनिवर्सिटी स्पेशल बसें कॉलेजों के समय के अनुरूप संचालित होंगी और नजफगढ़, रोहिणी, जनकपुरी, मुंडका, मयूर विहार, कालकाजी, पल्ला तथा धौलाकुआं जैसे क्षेत्रों को विश्वविद्यालय परिसरों से जोड़ेंगी।
डॉ. पंकज ने बताया कि सभी बसें 100 प्रतिशत इलेक्ट्रिक होंगी और इनमें महिलाओं की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी निगरानी, ऑपरेशन कंट्रोल सेंटर से जुड़े पैनिक बटन, दिव्यांगजन-अनुकूल लो-फ्लोर रैंप तथा आवश्यकता पड़ने पर बस मार्शल या महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की जायेगी। इन बसों की विशेष ब्रांडिंग होगी और इन्हें पिंक स्मार्ट कार्ड प्रणाली से भी जोड़ा जायेगा, जिससे पात्र महिला यात्रियों को कैशलेस और निःशुल्क यात्रा की सुविधा मिल सकेगी।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उनके अनुसार यह प्रस्तावित इलेक्ट्रिक बस नेटवर्क राजधानी में सुरक्षित, समावेशी और पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे महिलाएं अधिक आत्मविश्वास और सुविधा के साथ सफर कर सकेंगी। प्रस्तावित योजना के तहत राजधानी के सबसे व्यस्त 28 रूटों पर 56 इलेक्ट्रिक बसें चलाई जायेंगी। इनमें 30 लेडीज स्पेशल बसें और 26 यूनिवर्सिटी लेडीज स्पेशल (यू-एसपीएल) बसें शामिल होंगी, जिनका संचालन मुख्य रूप से सुबह और शाम के पीक आवर्स में किया जायेगा।
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