नयी दिल्ली , नवंबर 05 -- दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने कहा है कि राजधानी में इस बार हिंदू-मुस्लिम एकता को दर्शाने वाले मुगलकालीन महोत्सव 'फूल वालों की सैर' का आयोजन नहीं हो पाया, जो दिल्ली की भारतीय जनता पार्टी सरकार की मानसिकता काे दर्शाता है।
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने बुधवार को बयान जारी कर आरोप लगाया कि 200 वर्ष से भी ज्यादा समय से हर वर्ष आयोजित किये जाने वाला ''फूल वालों की सैर'' महोत्सव मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना की संकुचित मानसिकता के कारण इजाजत नहीं मिलने की वजह से इस बार दो नवंबर से आयोजित नहीं हो पाया। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए )और वन विभाग के बीच फंस कर रह गया और आयोजकों को इसे रद्द करना पड़ा।
कांग्रेस नेता ने कहा कि ऐतिहासिक फूल वालों की सैर का आयोजन रद्द होने पर भाजपा नेता अथवा मुख्यमंत्री या कोई भी मंत्री कुछ कहने से बच रहे हैं।
श्री यादव ने भाजपा सरकार पर सदियों पुराने महोत्सव पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुये कहा कि सरकार का सांस्कृतिक कार्यक्रमों को बंद करने का रवैया बेहद निराशाजनक है। हिन्दू-मुस्लिमों के बीच एकता की मिसाल रहे फूल वालों की सैर महोत्सव को बंद करने के पीछे कहीं इसका मुगलों से जुड़ा इतिहास तो नही, क्योंकि भाजपा शैक्षणिक पाठ्क्रम से मुगल काल के इतिहास और जानकारी को खत्म करने की कवायद कर रही है।
उन्होंने कहा कि 1812 से शुरु हुए इस कार्यक्रम को इससे पहले भी अंग्रेजों ने 1942 में बंद कर दिया था जिसे प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरु ने 1962 में इसे फिर से शुरु किया था।
श्री यादव ने कहा कि भाजपा सरकार ने इसके आयोजन की अनुमति नहीं देकर हिंदुओं और मुसलमानों दोनों की भावनाओं को आहत किया है और अगर रेखा गुप्ता सरकार सोचती है कि वह अपने संकीर्ण राजनीतिक लाभ के लिए शहर के लोगों के एक वर्ग को प्रभावित कर सकती है, तो यह पूरी तरह से गलत है।
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