नयी दिल्ली , जुलाई 03 -- दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता डॉ. नरेश कुमार ने राजधानी में पेयजल संकट को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि कई क्षेत्रों में लोग पानी के लिए तरस रहे हैं।
डॉ. नरेश कुमार ने शुक्रवार को संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा कि कि दिल्ली की जनता साफ पानी मांग रही है, लेकिन उन्हें बदबूदार और दूषित पानी दिया जा रहा है। कई इलाकों में तो लोगों को नियमित रूप से पानी भी उपलब्ध नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि पीने के पानी का कुल विघटित ठोस (टीडीएस) 300 से 400 मिली ग्राम (एमजी)/लीटर (पीपीएम ) के बीच होना चाहिए, लेकिन दिल्ली के कई इलाकों में लोग 1200 एमजी/लीटर (पीपीएम) से अधिक टीडीएस वाला पानी पीने को मजबूर हैं। इसी प्रकार पानी का पीएच (पीएच) स्तर 6.5 से 8.5 के बीच होना चाहिए, जबकि उपलब्ध पानी का पीएच इससे भी अधिक पाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली में प्रतिदिन लगभग 14000 लाख गैलन (एमजीडी) पानी की आवश्यकता है, जबकि दिल्ली जल बोर्ड केवल लगभग साढ़े 900 एमजीडी पानी की आपूर्ति कर पा रहा है। इसके कारण अधिकांश क्षेत्रों में या तो बदबूदार पानी मिल रहा है या फिर दूसरे अथवा तीसरे दिन पानी की सप्लाई हो रही है।
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि साफ पानी उपलब्ध न होने के कारण दिल्ली के 50 से 70 लाख लोग प्रतिदिन बोतलबंद पानी खरीदने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि लोगों की शिकायत है कि कई स्थानों पर पानी की पाइपलाइन और सीवर लाइन आपस में मिली हुई हैं, जबकि दिल्ली की लगभग 30 से 40 प्रतिशत जल पाइपलाइनें टूटी हुई या जर्जर अवस्था में हैं। अनधिकृत कॉलोनियों और गांवों में भी नियमित जलापूर्ति नहीं हो रही है। साथ ही टैंकर माफिया सक्रिय है और पानी से संबंधित शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया भी बेहद धीमी है।
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