नयी दिल्ली , मई 26 -- दिल्ली प्रदेश कांग्रेस राष्ट्रीय राजधानी में व्याप्त जल संकट को लेकर ने पूरे दिल्ली में "मटका फोड़ प्रदर्शन" करने के साथ ही जनता के साथ सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ आंदोलन करने की चेतावनी दी है।
दिल्ली कांग्रेस के प्रवक्ता डॉ. नरेश कुमार ने मंगलवार को संवाददाताओं से बाचतीत करते हुए कहा कि प्रदेश के विभिन्न इलाकों में गंभीर जल संकट और गंदे तथा बदबूदार पानी की आपूर्ति से लोग परेशान हैं। भीषण गर्मी के बावजूद राजधानी के अधिकांश इलाकों में लोगों को पीने तक का साफ पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है, जिससे आम जनता का जीवन बेहद कठिन हो गया है।
उन्होंने कहा कि जे जे क्लस्टर, पुनर्वास कॉलोनियों, अनधिकृत कॉलोनियों, झुग्गी बस्तियों और बड़ी रिहायशी कॉलोनियों सहित दिल्ली के हर इलाके में लोग संकट से जूझ रहे हैं। कई इलाकों में पिछले कई सप्ताह से पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है। कुछ स्थानों पर लोगों को गंदा, खारा और बदबूदार पानी दिया जा रहा है, जो मानव उपयोग के योग्य नहीं है।
उन्होंने कहा कि गरीब लोग पीने के साथ-साथ रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए भी बोतलबंद पानी खरीदने को मजबूर हैं। दिल्ली जल बोर्ड टैंकरों के जरिए भी लोगों की जरूरत पूरी करने में विफल साबित हो रहा है।
डॉ. नरेश ने आरोप लगाया कि दिल्ली में पानी के नाम पर खुलेआम लूट मची हुई है।महंगे पानी के मीटर, भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी, गंदे पानी की आपूर्ति और बदहाल जल व्यवस्था ने आम लोगों की मुश्किलें कई गुना बढ़ा दी हैं। उनका कहना था कि लोग एक ओर पानी के संकट से जूझ रहे हैं तो दूसरी ओर उन्हें पानी से जुड़ी सेवाओं के लिए अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी उठाना पड़ रहा है।
कांग्रेस प्रवक्ता नेता ने कहा कि ऊंची इमारतों और फ्लैटों में रहने वाले लोग भी भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं, जहां निवासियों को टैंकरों या सार्वजनिक नलों से पानी भरकर तीसरी से छठी मंजिल तक ले जाना पड़ रहा है, जो बेहद कठिन और कष्टदायक स्थिति बन चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि रेखा गुप्ता सरकार जनता की समस्याओं के प्रति पूरी तरह असंवेदनशील बनी हुई है।
डॉ. नरेश ने कहा उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार, एमसीडी, दिल्ली जल बोर्ड और डीडीए समेत लगभग पूरा प्रशासनिक ढांचा भाजपा के हाथ में होने के बावजूद जनता को बुनियादी सुविधाएं तक नहीं मिल पा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता के केंद्रीकरण के बाद भी भाजपा सरकार पानी जैसी मूलभूत समस्या का समाधान करने में पूरी तरह विफल साबित हुई है।
उन्होंने कहा कि रेखा गुप्ता सरकार का जल संकट से निपटने का दावा केवल खोखली बयानबाजी साबित हुआ है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने विधानसभा चुनाव के दौरान दिल्ली को टैंकर फ्री बनाने, हर घर तक साफ पानी पहुंचाने, जल शोधन क्षमता बढ़ाने, जमना की सफाई, औद्योगिक प्रदूषण रोकने और गर्मी के मौसम में बिना बाधा पेयजल उपलब्ध कराने जैसे बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन इनमें से किसी भी वादे पर गंभीरता से अमल नहीं किया गया।
डॉ. नरेश ने दिल्ली जल बोर्ड के मंत्री प्रवेश साहिब सिंह को इस पूरे संकट के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराते हुए उनके तत्काल इस्तीफे की मांग की है। साथ ही उन्होंने दिल्ली जल बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) को तुरंत बर्खास्त करने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि यदि सरकार जनता को साफ पानी जैसी बुनियादी सुविधा उपलब्ध नहीं करा सकती तो उसे सत्ता में बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
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