हैदराबाद , अगस्त 02 -- तेलंगाना भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के मुख्य प्रवक्ता और मीडिया प्रभारी एन.वी. सुभाष ने रविवार को आरोप लगाया कि राष्ट्रीय राजधानी के जंतर मंतर पर हाल ही में हुए छात्रों के विरोध प्रदर्शन में आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लगभग 3,000 लोग शामिल थे।

उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन में असली छात्रों की तुलना में आपराधिक इतिहास वाले लोगों की संख्या ज़्यादा थी।

श्री सुभाष ने यहाँ पार्टी के प्रदेश कार्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए दिल्ली पुलिस की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों में हत्या के मामलों में शामिल 101 लोग, हत्या की कोशिश के मामलों में 62, दुष्कर्म के मामलों में 60 और डकैती व लूट के मामलों में आरोपी 2,089 लोग शामिल थे।

उन्होंने दावा किया कि कुछ राजनीतिक दलों के समर्थन से अपराधी किस्म के लोगों ने छात्र आंदोलन को अपने कब्ज़े में ले लिया था, ताकि अशांति फैलाई जा सके और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली राजग सरकार को बदनाम किया जा सके।

उन्होंने कांग्रेस, आम आदमी पार्टी (आप) और समाजवादी पार्टी (सपा) की भी आलोचना की और आरोप लगाया कि उन्होंने राजनीतिक फ़ायदे के लिए इन विरोध प्रदर्शनों का इस्तेमाल करने की कोशिश की और प्रधानमंत्री की छवि खराब करने के लिए संसद में कामकाज में बाधा डाली।

उन्होंने आगे दावा किया कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने अपनी आलोचना के बावजूद सोशल मीडिया के ज़रिए 'जेन-ज़ी' तक माफ़ी का संदेश पहुँचाया, जबकि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस पहल का स्वागत करने के बजाय इस पर आपत्ति जताई।

उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी सभी 140 करोड़ भारतीयों को अपने परिवार का सदस्य मानते हैं।

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