नयी दिल्ली , अक्टूबर 15 -- दिल्ली में खंडित मूर्तियों के सम्मानजनक संग्रहण के लिए 250 कियोस्क स्थापित किये जायेंगे तथा इसके लिए दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) और प्लास्टइंडिया फाउंडेशन ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये हैं।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की पहल पर शुरू की गयी इस योजना के तहत पहले चरण में निगम के विभिन्न वार्डों में 250 मूर्ति संग्रहण कियोस्क स्थापित किये जाएंगे। इन केंद्रों पर लोग धार्मिक अनुष्ठानों के बाद खंडित मूर्तियां और पूजा-सामग्री सम्मानपूर्वक जमा कर सकेंगे। इसके बाद सामग्री का पृथक्करण, उचित प्रबंधन और पुनर्चक्रण किया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने गुरुवार को कहा कि भारतीय धार्मिक परंपराएं प्रकृति और जीव-जगत के सम्मान का संदेश देती हैं। ऐसे में धार्मिक आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी निभाना भी जरूरी है। उन्होंने दिल्लीवासियों से अपील की कि वे खंडित मूर्तियों और पूजा-सामग्री को सड़कों, खुले स्थानों या जल निकायों में फेंकने के बजाय निर्धारित संग्रहण केंद्रों पर जमा करें। इससे सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलने और जल निकायों में धार्मिक सामग्री के अनुचित विसर्जन पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।

समझौते के तहत कियोस्क का औपचारिक हस्तांतरण होने के बाद उनके दैनिक संचालन, साफ-सफाई और रखरखाव की जिम्मेदारी नगर निगम और संबंधित सरकारी प्राधिकरणों की होगी। निगम इन केंद्रों पर कर्मचारियों की तैनाती, सामग्री के संग्रहण और उसे अधिकृत स्थलों तक पहुंचाने की व्यवस्था करेगा।

दिल्ली के महापौर प्रवेश वाही ने कहा कि यह पहल धार्मिक सामग्री के उचित प्रबंधन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे नागरिकों को खंडित मूर्तियों और पूजा-सामग्री को सम्मानपूर्वक जमा करने के लिए निर्धारित स्थान मिलेंगे। उन्होंने लोगों से इस अभियान में सहयोग करने की अपील की।

प्लास्टइंडिया फाउंडेशन के चेयरमैन आलोक टिबरेवाला ने बताया कि फाउंडेशन ने संग्रहण केंद्रों और कियोस्क का विकास, आपूर्ति तथा स्थापना नि:शुल्क की है। अब तक 60 कियोस्क स्थापित किये जा चुके हैं। इस पहल से धार्मिक सामग्री के व्यवस्थित संग्रहण और समयबद्ध उठान को बढ़ावा मिलेगा तथा सार्वजनिक स्थलों पर कचरा फैलने और जल निकायों में अनुचित निस्तारण की समस्या कम करने में मदद मिलेगी।

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