नयी दिल्ली , सितंबर 18 -- केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (सीजीएसटी) के दिल्ली दक्षिण आयुक्त कार्यालय के अधिकारियों ने इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) के फर्जी दावों के खिलाफ चल रहे अभियान के अंतर्गत गलत तरीके से 25 करोड़ रुपये से अधिक का कर लाभ उठाने के एक गोरखधंधे का पर्दाफाश किया है। इस मामले में लोहे और इस्पात के व्यापार में लगी एक कंपनी के मालिक को गिरफ्तार कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

वित्त मंत्रालय की शुक्रवार को जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार यह मामला लगभग 140.14 करोड़ रुपए के फर्जी चालानों के जरिए 25.22 करोड़ रुपए से अधिक के आईटीसी यानी कारोबार श्रृंखला में सामग्री पर पहले चुकाये जा चुके कर के समायोजन का लाभ प्राप्त करने तथा उसके उपयोग और हस्तांतरण से जुड़ा है। जांच से पता चला कि कंपनी ने कई फर्मों की ओर से जारी किए गए बिलों के आधार पर आईटीसी का लाभ उठाया था जिसकी वह हकदार नहीं थी। इनमें से कई फर्में अस्तित्वहीन, निष्क्रिय, निलंबित या रद्द पाई गईं। जमीनी स्तर पर सत्यापन से यह भी पता चला कि कुछ आपूर्तिकर्ताओं का उनके घोषित व्यापारिक जगहों पर कोई वास्तविक कारोबारी गतिविधि नहीं थी।

यह भी पता चला कि माल की वास्तविक प्राप्ति के बिना ही आईटीसी का लाभ उठाया गया था और माल की संबंधित आपूर्ति के बिना जारी किए गए चालानों के माध्यम से इसे विभिन्न प्राप्तकर्ताओं को हस्तांतरित कर दिया गया था।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित