नयी दिल्ली , सितंबर 13 -- दिल्ली के आबकारी विभाग ने इस वर्ष अप्रैल से अगस्त के बीच मदिरा की अवैध बिक्री और तस्करी के आरोप में 725 प्राथमिकियां दर्ज की हैं और 730 लोगों को गिरफ्तार किया है।

मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारियों ने रविवार को बताया कि यह संख्या पिछले वर्ष की समान अवधि में दर्ज किए गए मामलों की तुलना में दोगुने से भी अधिक है।

इन पांच महीनों के दौरान आबकारी विभाग ने 197 वाहन जब्त किए और अवैध शराब की लगभग 2.20 लाख बोतलें जब्त कीं। इसके विपरीत, अप्रैल से अगस्त 2025 के बीच 315 प्राथमिकी दर्ज की गई थीं और 312 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। अधिकारियों के अनुसार, उस अवधि के दौरान विभाग ने 112 वाहन जब्त किए थे और लगभग एक लाख बोतल अवैध शराब बरामद की थी।

जब्ती और गिरफ्तारियों में यह तेज बढ़ोतरी आगामी त्योहारों के सीजन से ठीक पहले देखी गई है। त्योहारों के दौरान अनधिकृत चैनलों के जरिए मदिरा तस्करी और बिक्री के खिलाफ आबकारी विभाग के जांच अभियान को और तेज किए जाने की उम्मीद है। दिल्ली की सीमाएं पड़ोसी राज्यों से मिलती हैं और शहर में प्रवेश के लगभग 70 रास्ते (छोटे रास्तों सहित) हैं, जिन्हें अधिकारी शहर में अवैध रूप से मदिरा लाए जाने के मुख्य संभावित मार्ग मानते हैं। विभाग की प्रवर्तन शाखा इन मार्गों पर निरंतर निगरानी रख रही है और संदिग्ध तस्करों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। इसके अलावा, आबकारी विभाग ने लाइसेंस प्राप्त परिसरों में नियमों के उल्लंघन पर सात प्राथमिकी भी दर्ज की हैं।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' (बिल्कुल बर्दाश्त न करने) की नीति अपना रही है। सीएमओ के अनुसार, सरकार एक नयी आबकारी नीति पर काम कर रही है, जिसका मुख्य ध्यान सार्वजनिक सुरक्षा, नियमन, गुणवत्ता और राजस्व बढ़ाने पर होगा।

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