नयी दिल्ली , सितम्बर 30 -- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के निमंत्रण पर पांच दिवसीय भारत के दौरे पर आए श्रीलंका की सत्ताधारी पार्टी जनता विमुक्ति पेरमुणा (जेवीपी) का प्रतिनिधिमंडल बुधवार को दिल्ली भाजपा के कार्यालय पहुंचा ओर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा से मुलाकात की।

जेवीपी के महामंत्री एम. तिलविन सिल्वा के नेतृत्व में आए श्रीलंकाई प्रतिनिधिमंडल में जेवीपी केन्द्रीय समिति सदस्य चंद्रिका अधिकारी, सांसद अबूबकर अथम्बावा, जाफना नगर परिषद सदस्य काबिलन सुंदरमूर्ति और जेवीपी की अंतरराष्ट्रीय संबंध समिति की समन्वय सचिव बी.आर.के. मधुभाषिणी शामिल थे।

श्री मल्होत्रा ने कहा, "भारत और श्रीलंका के संबंध केवल कूटनीतिक नहीं हैं, बल्कि ये सभ्यता, संस्कृति और आस्था के संबंध हैं। रामायण काल से लेकर बौद्ध धर्म के प्रचार तक, हमारे पूर्वजों ने आपसी भाईचारे की नींव रखी। समुद्र हमें अलग करता है, पर मन और मस्तिष्क हमें जोड़ते हैं। श्रीलंका में बसने वाले तमिल, बौध, सिंहल, मुस्लिम सभी समुदायों से भारत का रिश्ता परिवार जैसा है।"उन्होंने कहा, "आज जब हम वैश्विक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, तब पड़ोसी देशों के साथ मित्रता और सहयोग और भी आवश्यक हो गया है। मुझे यह कहते हुए गर्व है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत-श्रीलंका संबंधों को एक नयी ऊंचाई मिली है। पिछले 10 वर्षों में आर्थिक सहायता, ऊर्जा सहयोग, समुद्री सुरक्षा, स्वास्थ्य और डिजिटल कनेक्टिविटी के क्षेत्र में दोनों देशों ने अभूतपूर्व काम किया है। कोविड के समय "वैक्सीन मैत्री" और आर्थिक संकट में भारत द्वारा दी गई सहायता इसका जीवंत उदाहरण है।"उन्होंने कहा कि भाजपा मानती है कि मजबूत पड़ोसी ही मजबूत क्षेत्र बनाते हैं। जेवीपी के सत्ता में आने के बाद श्रीलंका में स्थिरता और विकास की जो नयी पहल शुरू हुई है। लोकतंत्र, पारदर्शिता और जनकल्याण के साझा मूल्यों पर हम मिलकर काम करने के लिए तैयार हैं।

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