नयी दिल्ली , जून 01 -- दिल्ली पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी से चार-पहिया वाहन चुराकर पंजाब और राजस्थान में बेचने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार कर उनके पास से आठ चोरी के वाहन बरामद किये गये हैं।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक आरोपियों की पहचान मनिंदर सिंह (32) और हरजोत सिंह (33) के रूप में हुई है, जो दोनों पंजाब के रहने वाले हैं। पुलिस उपायुक्त (रोहिणी) शशांक जायसवाल के अनुसार, ये दोनों एक संगठित वाहन-चोरी गिरोह का हिस्सा थे, जो दिल्ली में महंगी कारों को निशाना बनाता था और उन्हें ठिकाने लगाने के लिए अमृतसर, चंडीगढ़ और जयपुर भेज देता था।
उन्होंने बताया कि पूरे दिल्ली में वाहन चोरी पर लगाम लगाने और ऐसी गतिविधियों में शामिल आपराधिक नेटवर्क को खत्म करने के लिए एक विशेष अभियान चलाया गया था। पुलिस को 21 मई को दिल्ली से महंगी गाड़ियां चुराने में शामिल संदिग्धों की आवाजाही के बारे में खास जानकारी मिली। इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए, रोहिणी में एक जाल बिछाया गया, जिसके परिणामस्वरूप मनिंदर सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया। वह एक चोरी की गाड़ी चला रहा था, जिसका संबंध बेगमपुर इलाके में दर्ज एक चोरी के मामले से था।
पूछताछ के दौरान, मनविंदर ने कथित तौर पर हरजोत सिंह की संलिप्तता का खुलासा किया और दोनों द्वारा की गयी कई वाहन चोरियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इस जानकारी के आधार पर, पुलिस ने 24 मई को अमृतसर से हरजोत को गिरफ्तार कर लिया और उसके कब्जे से एक और चोरी का वाहन बरामद किया। दिल्ली, अमृतसर और जयपुर में कई जगहों पर की गई बाद की छापेमारी में छह और महंगी चोरी की गाड़ियां बरामद हुईं। बरामद गाड़ियों में एक ह्यूंडाई क्रेटा, टोयोटा फॉर्च्यूनर, ह्यूंडाई अल्काजार, हॉन्डा अमेज, मारुती सुज़ुकी बलेनो, मारुती सुजुकी ब्रेजा और दो किया सेल्टोस एसयूवी शामिल हैं।
पुलिस ने बताया कि इन गिरफ्तारियों से अलग-अलग पुलिस थानों में दर्ज वाहन चोरी के आठ मामलों को सुलझाने में मदद मिली है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, मनिंदर सिंह पहले भी नौ आपराधिक मामलों में शामिल रहे हैं, जिनमें से चार मामले दिल्ली में दर्ज हैं। वहीं, हरजोत कथित तौर पर पंजाब में ऐसे ही पांच मामलों में शामिल हैं। मामले की आगे की जांच जारी है।
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