नयी दिल्ली , मार्च 27 -- दिल्ली पुलिस ने अपनी तकनीकी क्षमताओं को बढ़ाने और राष्ट्रीय राजधानी में डेटा-संचालित आधुनिक पुलिसिंग की ओर बढ़ने के लिए शुक्रवार को सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमेटिक्स (सी-डॉट) के साथ समझौता पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर किया है।
अपराध शाखा के विशेष पुलिस आयुक्त देवेश चंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि यह समझौता परिचालन दक्षता, साइबर सुरक्षा और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणालियों में सुधार के लिए स्वदेशी और सुरक्षित संचार एवं निगरानी समाधान पर केंद्रित है। अधिकारी ने बताया कि यह सहयोग स्वदेशी तकनीक का उपयोग कर पुलिसिंग बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
विशेष पुलिस आयुक्त ने कहा कि पेश किये जाने वाले प्रमुख उपकरणों में 'फेशियल रिकग्निशन सिस्टम' (एफआरएस) शामिल है, जो मौजूदा डेटाबेस के साथ छवियों का मिलान कर संदिग्धों की पहचान करने, लापता उम्मीद है कि यह प्रणाली जांच को मजबूत करेगी और बड़े आयोजनों के दौरान भीड़ प्रबंधन मेंसहायता प्रदान करेगी।
यह साझेदारी 'संवाद' नामक एक एकीकृत संचार मंच भी लायेगी, जिसे पुलिस इकाइयों के बीच सुरक्षित संदेश, ऑडियो-वीडियो कॉल और डाटा साझा के लिए तैयार किया गया है। इसके उन्नत संस्करण 'संवाद प्राइम' का उपयोग वरिष्ठ अधिकारियों और परिचालन टीमों के बीच गोपनीय संचार के लिए किया जायेगा।
इसके अतिरिक्त, दिल्ली पुलिस 'सी-डॉट मीट' नामक एक सुरक्षित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग प्लेटफॉर्म और 'मिशन क्रिटिकल सर्विसेज' (एमसीएस) को अपनायेगी, जो आपातकालीन स्थितियों और बड़े स्तर के ऑपरेशनों के दौरान रीयल-टाइम संचार सुनिश्चित करता है।
अधिकारी ने बताया कि अन्य समाधानों में एआई-संचालित साइबर सुरक्षा प्लेटफॉर्म 'त्रिनेत्र सिक्योरिटी ऑपरेशंस सेंटर' शामिल है, जिसका उद्देश्य महत्वपूर्ण आईटी प्रणालियों की रक्षा करना है। साथ ही, आपात स्थिति, यातायात व्यवधान या लापता व्यक्तियों के मामलों के दौरान जनता को भौगोलिक रूप से लक्षित अलर्ट भेजने के लिए एक सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम भी शामिल है।
दिल्ली के पुलिस आयुक्त सतीश गोलचा और सी-डॉट के सीईओ राज कुमार उपाध्याय सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि यह सहयोग सुरक्षित संचार नेटवर्क को मजबूत करेगा और विभागों के बीच समन्वय में सुधार लायेगा।
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