भिण्ड , अगस्त 30 -- मध्यप्रदेश के भिण्ड में दिल्ली के जंतर-मंतर पर टीईटी की अनिवार्यता के विरोध में प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे करीब 200 शिक्षकों को पुलिस ने बसों में रोक दिया। शनिवार रात कोतवाली पुलिस ने इंदिरा गांधी चौराहे के पास चार बसों की जांच की और दिल्ली जाने का परमिट नहीं होने का हवाला देते हुए उन्हें आगे जाने से रोक दिया।
बसों को रोके जाने के बाद शिक्षक कोतवाली थाने पहुंच गए और घेराव कर विरोध जताया। सूचना मिलने पर सीएसपी निरंजन राजपूत, टीआई मुकेश शाक्य सहित अन्य थानों का पुलिस बल मौके पर पहुंचा। स्थिति को देखते हुए एसडीएम अखिलेश शर्मा भी कोतवाली पहुंचे।
शिक्षकों ने आरोप लगाया कि उन्हें दिल्ली में होने वाले प्रदर्शन में शामिल होने से रोकने के लिए जिला स्तर पर बसों को रोका गया है। शिक्षकों के अनुसार, बसें इंदिरा गांधी चौराहे से आगे बढ़ीं तो पुलिस ने उन्हें रोककर जांच शुरू कर दी। कुछ बसों की फिटनेस को लेकर आपत्ति जताई गई, जबकि कुछ को दिल्ली जाने की अनुमति नहीं होने की बात कहकर रोका गया।
बसों को रोके जाने की सूचना पर बड़ी संख्या में शिक्षक कोतवाली थाने पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। करीब दो घंटे तक थाने में स्थिति तनावपूर्ण बनी रही। अधिकारियों ने शिक्षकों से उनकी मांगों से संबंधित ज्ञापन देने को कहा और उसे शासन तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।
इसके बाद शिक्षकों ने प्रधानमंत्री के नाम एसडीएम अखिलेश शर्मा को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता समाप्त करने सहित अन्य मांगें उठाई गईं। ज्ञापन सौंपने के बाद शिक्षक वहां से चले गए और स्थिति सामान्य हो गई।
शिक्षकों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद वर्ष 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों को भी टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य किया गया है। इसी के विरोध में देशभर के शिक्षक रविवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने जा रहे हैं। शिक्षकों ने कहा कि वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों पर अब टीईटी की अनिवार्यता लागू करना उचित नहीं है।
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