नयी दिल्ली , अप्रैल 16 -- दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को कहा कि राजधानी के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से चार आईटीआई में नयी अत्याधुनिक लैब्स स्थापित की जाएंगी।

श्रीमती गुप्ता ने बताया कि आईटीआई जहांगीर पुरी में पावर इलेक्ट्रॉनिक्स लैब स्थापित की जाएगी। यह लैब पावर इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिकल कंट्रोल सिस्टम, इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे क्षेत्रों में उन्नत प्रशिक्षण प्रदान करेगी। लैब में पीएलसी किट, वीएफडी ट्रेनर, ट्रांसफॉर्मर ट्रेनर, मोटर कंट्रोल पैनल, रिले एवं प्रोटेक्शन सिस्टम, सोलर पीवी ट्रेनिंग किट और स्मार्ट एनर्जी मॉनिटरिंग सिस्टम जैसे आधुनिक उपकरण लगाए जाएंगे। इससे प्रशिक्षुओं को आधुनिक इलेक्ट्रिकल और पावर इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम्स के संचालन, खराबी की पहचान और रखरखाव का व्यापक व्यावहारिक अनुभव मिलेगा। यह पहल संस्थान को पावर इंजीनियरिंग के क्षेत्र में एक आधुनिक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में बदलने के साथ-साथ प्रशिक्षण को उद्योग की वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप बनाएगी और प्रशिक्षुओं की तकनीकी दक्षता एवं रोजगार क्षमता को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाएगी।

उन्होंने कहा कि आईटीआई जेल रोड (हरि नगर) में वेल्डर लैब का व्यापक आधुनिकीकरण किया जाएगा। इस लैब में उन्नत वेल्डिंग मशीनें, सिमुलेशन आधारित प्रशिक्षण सुविधाएं और आधुनिक फैब्रिकेशन टूल्स स्थापित किए जाएंगे, जिससे प्रशिक्षुओं को आधुनिक औद्योगिक वेल्डिंग प्रक्रियाओं का व्यावहारिक अनुभव मिल सके। आईटीआई अरब की सराय (निजामुद्दीन) में ऑटोमोटिव सेक्टर की लैब्स को आधुनिक तकनीकों के साथ अपग्रेड किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि यहां उच्च स्तरीय वर्चुअल रियलिटी (वीआर) सिमुलेटर के माध्यम से ड्राइविंग, वेल्डिंग और पेंटिंग की ट्रेनिंग दी जाएगी, जिससे प्रशिक्षुओं को सुरक्षित और यथार्थपरक वातावरण में जटिल कौशल सीखने का अवसर मिलेगा। साथ ही एबीएस (एंटी-लॉक ब्रेकिंग सिस्टम), एयरबैग सिस्टम जैसी उन्नत वाहन तकनीकों पर विशेष प्रशिक्षण मॉड्यूल स्थापित किए जाएंगे। आईटीआई एचजेबी मयूर विहार में इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) लैब स्थापित की जाएगी, जो ग्रीन ट्रांसपोर्ट और भविष्य की ऑटोमोबाइल तकनीकों पर केंद्रित होगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस लैब में बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (बीएमएस), इलेक्ट्रिक मोटर्स और ईवी चार्जिंग स्टेशन जैसी तकनीकी खराबियों की जांच प्रणाली और पावर इलेक्ट्रॉनिक्स का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे प्रशिक्षुओं को आधुनिक इलेक्ट्रिक वाहनों की असेंबली, परीक्षण, डायग्नोसिस और मरम्मत का व्यावहारिक अनुभव मिलेगा।

श्रीमती गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार की यह पहल युवाओं को रोजगारपरक और उद्योगोन्मुखी कौशल प्रदान करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी। इन आधुनिक लैब्स के माध्यम से प्रशिक्षु न केवल तकनीकी रूप से दक्ष बनेंगे, बल्कि उन्हें उद्योगों की वास्तविक कार्यप्रणाली का अनुभव भी मिलेगा, जिससे उनके लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर तेजी से बढ़ेंगे।

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