नयी दिल्ली , नवंबर 20 -- दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा है कि दिल्ली की हवा को साफ रखना राज्य सरकार की दैनिक प्राथमिकता है इसलिए औद्योगिक इकाईयों से निकलने वाले प्रदूषण से लेकर सड़क पर उड़ने वाली धूल को नियंत्रित करने के लिए लिए काम किया जा रहा है।

श्री सिरसा ने पालम, महिपालपुर और द्वारका में धूल नियंत्रण और साफ सफाई की समीक्षा करने के बाद आज कहा "दिल्ली में हर परियोजना की लाइव निगरानी, हर स्रोत और हर उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई सहित कई उपायों से हम प्रदूषण को जड़ से खत्म करने की दिशा में काम रहे हैं। पिछली सरकारों की तरह सिर्फ वादे नहीं, हमारी सरकार वह काम कर रही है जिसके नतीज़े ज़मीन पर दिख रहे हैं।

उन्होंने कहा कि दिल्ली की हवा को साफ रखना हमारी दैनिक प्राथमिकता है। हर प्रदूषण स्रोत वाहन की धुएं से लेकर औद्योगिक इकाईयों और सड़क पर उड़ने वाली धूल संबंधी आंकडों के रिकार्ड को अनिवार्य करके कानून के दायरे में लाया जा रहा है जिससे जवाबदेही सुनिश्चित हो सके। हमारा लक्ष्य है कि पर्यावरण से निपटने वाली एजेंसियों के कामकाज को आधुनिक, पारदर्शी और असरदार बनाया जाए।

उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार ने सालभर चलने वाली, डेटा आधारित और सख्त प्रवर्तन रणनीति से प्रदूषण नियंत्रण को तेज़ किया है। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति राजधानी में अब तक के सबसे बड़े एंटी-डस्ट अभियान को अंजाम दे रही है, जिसमें निर्माण, उद्योग और वाहन-जनित प्रदूषण पर लगातारऑनलाइन और ऑफलाइन निगरानी हो रही है।

पर्यावरण मंत्री श्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति(डीपीसीसी) के डस्ट कंट्रोल सेल्फ-असेसमेंट पोर्टल-जो नगर निगमों की बिल्डिंग सैंक्शन प्रक्रिया से जुड़ा है,के माध्यम से 500 वर्गमीटर से बड़े हर निर्माण स्थल का रजिस्ट्रेशन और मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जा रही है, ताकि सभी प्रोजेक्ट्स धूल नियंत्रण के नियमों का पालन करें।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित