नयी दिल्ली , नवंबर 01 -- दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को पश्चिमी दिल्ली के हरि नगर में भाजपा की पदयात्रा में हिस्सा लेते हुए 1984 के सिख-विरोधी दंगों के पीड़ित परिवारों के लिए न्याय की मांग की।

श्रीमती गुप्ता ने कांग्रेस को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद हुए सिख नरसंहार के लिए दोषी ठहराया। उन्होंने जोर देकर कहा कि सिखों की बड़े पैमाने पर हत्या, लोकतंत्र की हत्या से कम नहीं थी। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेताओं, जन प्रतिनिधियों और सिख समुदाय के हजारों लोगों ने इस रैली में भाग लिया और पीड़ित परिवारों के प्रति एकजुटता व्यक्त की। उन्होंने कांग्रेस पार्टी से इस त्रासदी की जिम्मेदारी लेने और उन परिवारों को न्याय दिलाने की मांग की, जो दशकों से न्याय का इंतजार कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उस भयावह दौर में हजारों सिख परिवारों ने अपनों को खो दिया। आज भी कई माताएं, बहनें और परिवार उस त्रासदी की दर्दनाक यादों के साथ जी रहे हैं और न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं। श्रीमती गुप्ता ने कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि 1984 में सिख समुदाय के साथ जो कुछ हुआ, उसके लिए न तो कांग्रेस और न ही गांधी परिवार अपनी जिम्मेदारी से बच सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश ने अपने इतिहास में कई बार लोकतांत्रिक मूल्यों का उल्लंघन होते देखा है। उन्होंने 1975 के आपातकाल और 1984 की सिख-विरोधी हिंसा का जिक्र करते हुए कहा कि जो लोग आज लोकतंत्र की बात करते हैं, उन्हें पहले अपने अतीत और उन वर्षों में हुई घटनाओं का जवाब देना चाहिए। श्रीमती गुप्ता ने कहा कि 1984 की हिंसा में अपने प्रियजनों को खोने वाले सिख परिवारों का दर्द आज भी कम नहीं हुआ है और उनके लिए न्याय का इंतजार अभी भी बना हुआ है।

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