नयी दिल्ली , मार्च 09 -- दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार को कार्यकर्ता शरजील इमाम को 10 दिन की अंतरिम जमानत दे दी, जिन पर 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के मामले में आरोप लगे हैं।

यह राहत कड़कड़डूमा अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश समीर बाजपेयी ने इमाम की उस याचिका पर सुनवाई करते हुए दी, जिसमें उन्होंने अपने छोटे भाई की शादी में शामिल होने के लिए अस्थायी जमानत मांगी थी।

अदालत ने इमाम को 20 मार्च से 30 मार्च, 2026 तक अंतरिम जमानत पर रिहा करने की अनुमति दी।

आदेश में यह भी निर्देश दिया गया है कि वे कुछ शर्तों के अधीन 50 हजार रुपये का निजी मुचलका और इतनी ही राशि के दो जमानती पेश करें।

इमाम ने छह सप्ताह की अंतरिम जमानत मांगी थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि उनके छोटे भाई मुज्जम्मिल इमाम की शादी 25 मार्च को होनी है और उन्हें शादी की रस्मों और संबंधित व्यवस्थाओं में शामिल होना जरूरी है।

उनके वकील ने अदालत को यह भी बताया कि इमाम को अब तक कोई अस्थायी जमानत नहीं मिली है और वह पांच साल से अधिक समय से हिरासत में हैं।

इमाम उत्तर-पूर्वी दिल्ली में फरवरी 2020 में हुए सांप्रदायिक हिंसा से संबंधित मामलों में आरोपियों में शामिल हैं, जिसमें 53 लोगों की जान गई थी और 700 से अधिक लोग घायल हुए थे।

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