हैदराबाद , फरवरी 27 -- तेलंगाना जागृति पार्टी की संस्थापक के. कविता ने दिल्ली आबकारी नीति मामले में दिल्ली की अदालत के फैसले पर खुशी का इजहार किया है और इसे सत्य की जीत बताया है।
श्रीमती कविता ने शुक्रवार को इस मामले में दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट की ओर से सबूतों के आभाव में सभी 23 आरोपियों को बरी किये जाने के बाद अपनी खुशी का इजहार करते हुए सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, "सत्यमेव जयते" । उन्होंने कहा कि उन्हें राजनीतिक साजिश तहत गलत फंसाया गया था और न्यायपालिका पर उनका विश्वास बना हुआ है।
वहीं, भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष के टी रामा राव ने कहा, "श्रीमती कविता जी को आज अदालत से इंसाफ मिला। उन्होंने कहा कि शराब घोटाले के मामले राजनीति से प्रेरित थे और आखिर में सच्चाई और न्याय की जीत होगी।
उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि श्री अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार को शराब नीति मामले के बहाने गिरा दिया गया था और बीआरएस को भी इसी मुद्दे की वजह से विधानसभा और संसदीय चुनावों में राजनीतिक नुकसान हुआ था।
उन्होंने कहा कि इसी तरह बीआरएस नेताओं के ख़िलाफ़ दर्ज हर केस जल्द ही झूठे, मनगढ़ंत और राजनीति से प्रेरित साबित होंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि जब तक सच सामने नहीं आया, कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) दोनों ही लोगों को गुमराह करने और साज़िश के तहत मामले दर्ज करने और मीडिया ट्रायल के ज़रिए बीआरएस की छवि खराब करने के लिए गैर-ज़िम्मेदाराना आरोप लगाती रहीं। उन्होंने नए भारत में सबूतों पर आरोपों और कानूनी प्रक्रिया पर मीडिया की बातों को ज़्यादा अहमियत देने की बढ़ती आदत की आलोचना की। श्री रामा राव ने भरोसा जताया कि न्यायपालिका सच का साथ देगी और आखिर में, इंसाफ़ की जीत होगी।
गौरतलब है कि दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट के आबकारी नीति मामले में सभी 23 आरोपियों को बरी कर दिया।
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