कोलकाता , जुलाई 15 -- पश्चिम बंगाल के कैबिनेट मंत्री दिलीप घोष ने तृणमूल कांग्रेस को "21 जुलाई शहीद दिवस" रैली को एस्प्लेनेड की बजाय ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित करने की चुनौती दी हैश्री घोष ने इको पार्क में सुबह की सैर के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए कहा, "अगर हिम्मत है तो ब्रिगेड जाओ। अगर कार्यकर्ता हैं, तो ब्रिगेड परेड ग्राउंड को भर दो। वरना, घर पर रहो और शहीदों की तस्वीरों पर फूल चढ़ाकर श्रद्धांजलि दो।" उन्होंने वहां पार्टी कार्यकर्ताओं से भी बातचीत की। "श्री घोष ने ये बयान तृणमूल कांग्रेस के कालीघाट गुट द्वारा कोलकाता पुलिस पर 21 जुलाई के कार्यक्रम की अनुमति को लेकर हुई बातचीत को गलत तरीके से पेश करने का आरोप लगाने के एक दिन बाद दिया है।
तृणमूल कांगेस के राष्ट्रीय महासचिव डेरेक ओ'ब्रायन ने संयुक्त पुलिस आयुक्त (मुख्यालय) को भेजे ईमेल में पुलिस के संदेश को "तथ्यों को पूरी तरह से गलत तरीके से पेश करना" बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि बैठक शुरू होने के कुछ ही सेकंड के भीतर पुलिस अधिकारियों ने सुझाव दिया कि पार्टी मध्य कोलकाता में अपनी पारंपरिक जगह पर कार्यक्रम आयोजित करने के बजाय इसे ब्रिगेड परेड ग्राउंड में स्थानांतरित कर ले।
श्री ओ'ब्रायन के अनुसार, तृणमूल प्रतिनिधिमंडल ने इस प्रस्ताव का विरोध किया और धर्मतला में शहीद दिवस मनाने के ऐतिहासिक, राजनीतिक और भावनात्मक महत्व को समझाया।
प्रतिनिधिमंडल ने पार्टी की संस्थापक ममता बनर्जी के इस सालाना कार्यक्रम के साथ लंबे जुड़ाव पर भी ज़ोर दिया। यह कार्यक्रम 21 जुलाई, 1993 को राइटर्स बिल्डिंग मार्च के दौरान पुलिस फायरिंग में मारे गए 13 युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं की याद में आयोजित किया जाता है।
यह विवाद तृणमूल कांग्रेस के भीतर संगठनात्मक बंटवारे की पृष्ठभूमि में सामने आया है। सुश्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले कालीघाट गुट और रिताब्रता बनर्जी के नेतृत्व वाले विरोधी गुट, दोनों ने ही 21 जुलाई को एस्प्लेनेड पर कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति मांगी थी। पुलिस ने पारंपरिक जगह पर रैलियों की अनुमति देने से इनकार कर दिया। बाद में पुलिस के साथ बातचीत के बाद रिताब्रता गुट को मेयो रोड पर गांधी प्रतिमा के पास अपना कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति मिल गयी।
कालीघाट गुट ने अपने कार्यक्रम को ब्रिगेड परेड ग्राउंड में स्थानांतरित करने के सुझाव को मानने से इनकार कर दिया है।
श्री घोष ने कालीघाट नेतृत्व पर निशाना साधते हुए संगठन की मज़बूती पर सवाल उठाया और कहा कि अगर पार्टी को अब भी जनता का समर्थन हासिल है, तो उसे ब्रिगेड परेड ग्राउंड भरने में कोई हिचकिचाहट नहीं होनी चाहिए।
इससे पहले, पूर्व मुख्यमंत्री एवं तृणमूल कांगेस ममता बनर्जी ने कहा था कि अगर कोई उपयुक्त जगह नहीं मिली, तो वह रिक्शे से ही शहीद दिवस की सभा को संबोधित करेंगी। उन्होंने मंज़ूरी को लेकर चल रहे विवाद के बावजूद कार्यक्रम आयोजित करने के अपने संकल्प को दोहराया।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित