जयपुर , अक्टूबर 17 -- राजस्थान की उपमुख्यमंत्री तथा महिला एवं बाल विकास मंत्री दिया कुमारी ने व्यापार में वित्तीय साक्षरता आवश्यक बताते हुए कहा कि महिलाओं को वित्तीय रूप से साक्षर होना बहुत जरूरी है और आज के समय में केवल उत्पाद बनाना ही काफी नहीं है, बल्कि उसे सही बाजार तक पहुंचाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

श्रीमती दिया कुमारी ने शनिवार को विभाग के निदेशालय महिला अधिकारिता की ओर से जयपुर के जवाहर कला केन्द्र में चल रहे राज्य स्तरीय अमृता हाट में भाग ले रही स्वयं सहायता समूहों की महिला उद्यमियों के लिए आयोजित विशेष डिजिटल मार्केटिंग प्रशिक्षण कार्यक्रम के अवसर पर यह बात कही। उन्होंने कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करते हुए महिला उद्यमियों को डिजिटल तकनीक अपनाकर अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने तथा आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने कहा कि पिछली बार राज्य स्तरीय अमृता हाट की विजिट के दौरान जब उन्हें पता चला कि एसएचजी की महिलाएं अपने उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री बहुत कम करती हैं। इसी को ध्यान में रखकर हमने महिला अधिकारिता निदेशालय के माध्यम से डिजिटल मार्केटिंग के लिए यह वर्कशॉप आयोजित की है। यह एक बहुत अच्छा माध्यम है। आप लोगों का ऑनलाइन या डिजिटल मार्केटिंग करना बहुत जरूरी है, वित्तीय साक्षरता जरूरी है। यह नॉलेज बहुत उपयोगी है और लोगों के बिजनेस को आगे बढ़ाने का यह आज बहुत आसान और अधिकतम लोगों तक पहुंचने वाला माध्यम है।

उन्होंने महिला उद्यमियों की सराहना करते हुए कहा कि अब आप महिलाएं नौकरी मांगती नहीं बल्कि कई अन्य महिलाओं को नौकरी देती हो। यह महिला सशक्तिकरण का सबसे बड़ा उदाहरण है। उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री के द्वारा दिए गए मंत्र 'वोकल फॉर लोकल, लोकल फॉर ग्लोबल' के अनुसार कार्य करना है, ताकि समूचे विश्व में आपके उत्पादों की मांग बढ़े और आपका व्यापार बढ़े। इसी से आप उद्यमशील महिलाओं को ग्लोबल बाजार उपलब्ध हो सकता है। राजस्थान की कला, हस्तशिल्प और आपके द्वारा बनाए गए उत्पाद बेजोड़ हैं,बहुत शानदार हैं, जरूरत है उसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए दुनिया तक पहुंचाने की।

उपमुख्यमंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से राज्य में राज्य स्तर और जिला स्तर पर जो भी प्रदर्शनियां आयोजित होंगी, उनमें इस प्रकार की डिजिटल मार्केटिंग प्रशिक्षण वर्कशॉप और वित्तीय साक्षरता की प्रशिक्षण कार्यशाला अनिवार्य रूप से आयोजित की जायेगी, ताकि इन महिलाओं के द्वारा तैयार उत्पाद को डिजिटल बाजार की उपयोगिता समझ में आ सके और ये अपने उत्पादों को ज्यादा बेच सकें और आत्मनिर्भर बन सकें।

उन्होंने सरकारी एवं गैर सरकारी संस्थानों, बैंकों और ई-कॉमर्स कंपनियों से भी आह्वान किया कि वे इन महिलाओं का उत्साहवर्धन करें और उनके व्यापार को आगे बढ़ाने में उनकी मदद करें।

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