नयी दिल्ली , जून 07 -- संसद की शिक्षा, महिला, बाल, युवा एवं खेल संबंधी स्थायी समिति के अध्यक्ष तथा कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर सीबीएसई की कक्षा 9 और 10 में तीसरी भाषा को अनिवार्य बनाने की व्यवस्था पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।
श्री सिंह ने प्रधानमंत्री को 5 जून को लिखे अपने पत्र में कहा है कि सीबीएसई के 15 मई के परिपत्र में इसी वर्ष एक जुलाई से कक्षा 9 में तीन भाषाओं का अध्ययन अनिवार्य करने का निर्णय लिया है। उनका कहना है कि यह फैसला सीबीएसई संचालन समिति के पहले के निर्णय के विपरीत है, जिसमें आवश्यक पाठ्यपुस्तकों और सभी संसाधनों की उपलब्धता होने तक इस व्यवस्था को लागू नहीं करने की बात कही गई थी।
उन्होंने कहा कि अभिभावकों के एक समूह का उन्हें इस संबंध में एक ज्ञापन मिला, जिसमें बीच शैक्षणिक सत्र में तीसरी भाषा लागू करने पर गंभीर आपत्तियां जताई गई हैं। पत्र में कहा गया है कि देश के अनेक विद्यालयों में तीसरी भाषा पढ़ाने के लिए पर्याप्त शिक्षक, पाठ्यपुस्तकें और अन्य बुनियादी संसाधन उपलब्ध नहीं हैं।
श्री सिंह ने कहा कि बिना तैयारी के इस व्यवस्था को लागू करने से लाखों विद्यार्थियों पर अतिरिक्त शैक्षणिक दबाव पड़ेगा तथा विद्यालयों के समक्ष भी प्रशासनिक और शैक्षणिक कठिनाइयां उत्पन्न होंगी। उन्होंने विशेष रूप से उन राज्यों का उल्लेख किया, जहां हिंदी व्यापक रूप से नहीं बोली जाती और स्थानीय भाषाओं की स्थिति अलग है।
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