राजनांदगांव , अगस्त 20 -- छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव शहर के प्रतिष्ठित और पुराने दिग्विजय क्लब में कथित रूप से बिना वैध एफएल-2 लाइसेंस के मदिरापान किए जाने के आरोपों ने आबकारी और पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सूत्रों के अनुसार क्लब परिसर में लंबे समय से सामूहिक रूप से मदिरापान किया जा रहा है, जबकि इसके लिए आवश्यक वैध एफएल-2 लाइसेंस नहीं होने का दावा किया जा रहा है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मामले में संबंधित विभागों का पक्ष भी फिलहाल सामने नहीं आया है।
आरोप है कि आबकारी विभाग और पुलिस की ओर से शहर के लाइसेंसी बार, ढाबों और अन्य प्रतिष्ठानों में नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की जाती है लेकिन दिग्विजय क्लब में कथित गतिविधियों को लेकर अब तक प्रभावी कार्रवाई सामने नहीं आई है। इसी को लेकर प्रशासन के दोहरे रवैये के आरोप लगाए जा रहे हैं।
सूत्रों का दावा है कि क्लब की सदस्यता में राजनीतिक, प्रशासनिक और अन्य प्रभावशाली क्षेत्रों से जुड़े लोग शामिल हैं। ऐसे में सवाल उठाया जा रहा है कि क्या प्रभावशाली सदस्यों की मौजूदगी के कारण संबंधित विभाग क्लब की जांच अथवा कार्रवाई से बच रहे हैं।
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