भोपाल , जनवरी 08 -- मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने जबलपुर में नर्मदा जल में सीवेज का पानी मिलने का दावा करते हुए जिम्मेदारों से इस मामले में संज्ञान लेने का आग्रह किया है।

साथ ही उन्होंने इंदौर में प्रदूषित पेयजल से कई लोगों की मौत के मामले में न्यायिक जांच की भी मांग की है।

श्री सिंह ने सोशल मीडिया पर कहा कि जबलपुर के ग्वारीघाट में सीवेज का पानी नर्मदा नदी में मिलता है। सीवेज टैंक घाट में बना है, जिसमें फिल्टर नहीं है। उस सीवेज का पानी नर्मदा में मिल कर 500 मीटर दूर ललपुर पेयजल सप्लाई प्लांट से जबलपुर के लोगों को सप्लाई होता है। उससे भी कुछ दिन में कोई बड़ी घटना हो सकती है।

इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय समेत अन्य लोगों से इस मामले में संज्ञान लेने का आग्रह किया है।

एक अन्य सोशल मीडिया पोस्ट में श्री सिंह ने कहा कि इंदौर में जब मौतों की गिनती बढ़ने लगी तो सब एक दूसरे को ज़िम्मेदार ठहराने लगे। उन्होंने कहा कि वे इस हादसे की न्यायिक जांच की माँग करते हैं। पब्लिक के सामने सुनवाई हो और हाईकोर्ट के सिटिंग जज से इसकी जांच करायी जाए।

राज्य का मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस लगातार इस मुद्दे को उठा रहे हैं। इसी क्रम में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने दूषित पेयजल से प्रभावित लोगों के परिजन से मुलाकात की। साथ ही कांग्रेस के नेता इंदौर के विभिन्न स्थानों पर पेयजल की जांच भी कर रहे हैं।

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