मुंबई , जनवरी 21 -- महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दावोस में राज्य के लिए 15 लाख करोड़ रुपये के निवेश से जुड़े समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं तथा इन निवेशों के जरिए राज्य में लगभग 13 लाख लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।
महाराष्ट्र प्रदेश भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) के मीडिया सेल प्रमुख नवनाथ बान ने बुधवार को संवाददाता सम्मेलन में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विदेशी निवेश लाने के लिए कौशल और क्षमता की आवश्यकता होती है तथा मुख्यमंत्री ने दावोस दौरे के दौरान विदेशी निवेश को भारत और महाराष्ट्र में लाने के लिए कड़ी मेहनत की है।
श्री बान ने कहा कि श्री फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने महाराष्ट्र में सुशासन स्थापित करने का काम किया है। इसी कारण महाराष्ट्र विदेशी निवेशकों की पहली पसंद बना हुआ है। उन्होंने कहा कि श्री फडणवीस के नेतृत्व और कार्यक्षमता के चलते 'देवाभाऊ' ने न केवल देश में बल्कि विश्व स्तर पर विश्वसनीयता का एक मजबूत ब्रांड खड़ा किया है।
शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत के मुख्यमंत्री की दावोस यात्रा की आलोचना पर पलटवार करते हुए श्री बान ने कहा कि श्री राउत को यह बताना चाहिए कि उन्होंने अपने जीवन में क्या 13 लोगों को भी रोजगार दिया है। उन्होंने सवाल किया कि क्या श्री उद्धव ठाकरे ने अपने ढाई साल के मुख्यमंत्री कार्यकाल में कम से कम 1,300 लोगों को नौकरी दी थी।
उन्होंने कहा कि उन्होंने श्री राउत को चुनौती देते हुए कहा कि यदि वे श्री फडणवीस की दावोस यात्रा की आलोचना कर रहे हैं, तो उन्हें यह भी बताना चाहिए कि श्री आदित्य ठाकरे अपने दावोस दौरे से कितना निवेश लेकर लौटे थे।
भाजपा नेता ने कहा कि दावोस में महाराष्ट्र के लिए किए गए निवेश समझौते राज्य में रोजगार सृजन करेंगे, जिससे श्री राउत को खुशी होनी चाहिए थी, लेकिन इसके बजाय उन्होंने ईर्ष्या का प्रदर्शन किया है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि श्री राउत दावोस यात्रा के विरोध में हैं, तो उन्हें यह स्पष्ट करना चाहिए कि श्री आदित्य ठाकरे दावोस क्यों गए थे।
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