बेंगलुरु , जुलाई 17 -- कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) के अंदर शुक्रवार को गुटबाजी तब खुलकर सामने आयी, जब पूर्व सांसद जी.एम. सिद्धेश्वर ने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विजयेंद्र येदियुरप्पा पर तीखा हमला किया और वरिष्ठ नेताओं को दरकिनार तथा पार्टी कार्यकर्ताओं की भावनाओं को नजरअंदाज करते हुए दावणगेरे जिले के पदाधिकारियों की एकतरफा नियुक्ति करने का आरोप लगाया।
यह दावा करते हुए कि हाल ही में घोषित जिला टीम को लेकर व्यापक नाराजगी है श्री सिद्धेश्वर ने कहा कि ये नियुक्तियां उनसे और अन्य वरिष्ठ नेताओं से सलाह किए बिना की गयी थीं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सुधारात्मक कदम नहीं उठाये गये तो इस मामले को पार्टी के राज्य नेतृत्व के सामने उठाया जायेगा।
उन्होंने दावणगेरे में पत्रकारों से कहा, "इस सूची से पार्टी कार्यकर्ताओं में असंतोष पैदा हुआ है। हम प्रदेश अध्यक्ष से इसमें बदलाव करने के लिए कहेंगे। अगर कोई बदलाव नहीं होता है, तो हम आगे की कार्रवाई के बारे में फैसला करेंगे।"श्री विजयेंद्र की तीखी आलोचना करते हुए श्री सिद्धेश्वर ने कहा, "यहां के लोग मुझे वरिष्ठ नेता कह सकते हैं, लेकिन प्रदेश अध्यक्ष की नज़र में मैं बौना हूं। उन्होंने एक बार कहा था कि ज़िला नेताओं के पास दिल नहीं होता। मैं कहूंगा कि प्रदेश अध्यक्ष के पास ही दिल नहीं है। बाकी बात वे खुद समझ लें।"संगठनात्मक फेरबदल के पीछे की वजह पर सवाल उठाते हुए श्री सिद्धेश्वर ने कहा कि पदाधिकारियों, जिनमें सिर्फ़ तीन महीने पहले नियुक्त किये गये महासचिव भी शामिल थे, को बिना किसी कारण के हटा दिया गया। उन्होंने कहा, "हम अपने कार्यकर्ताओं को क्या जवाब दें? उन्हें क्यों हटाया गया? प्रदेश अध्यक्ष को ही इन सवालों का जवाब देना चाहिए।"श्री सिद्धेश्वर ने दावणगेरे ज़िला भाजपा प्रभारी प्रीतम गौड़ा पर भी निराशा जतायी। उन्होंने आरोप लगाया कि नियुक्तियों के लिए उनकी सिफ़ारिशों को नज़रअंदाज़ कर दिया गया, जबकि भरोसा दिलाया गया था कि उनके ज़्यादातर उम्मीदवारों को जगह दी जायेगी।
उन्होंने आगे दावा किया कि जब उन्होंने इस मामले पर बातचीत के लिए विजयेंद्र को फ़ोन किया, तो भाजपा प्रमुख ने बात करने से इनकार कर दिया और कहा कि आज अमावस्या है।
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