सिलीगुड़ी , अप्रैल 10 -- आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच दार्जीलिंग जिला प्रशासन ने शुक्रवार को विभिन्न महाविद्यालयों के पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं को शामिल करते हुए एक मतदाता जागरूकता अभियान आयोजित किया।
कार्यक्रम की शुरुआत पद्मजा नायडू हिमालयन जूलॉजिकल पार्क के सामने से हुई, जहां से छात्रों और नये मतदाताओं ने चुनावी भागीदारी बढ़ाने के लिए शहर में मार्च निकाला। अपने पहुंच कार्यक्रम के हिस्से के रूप में जिला प्रशासन ने मतदाता जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए गीतों और संदेशों वाले वीडियो क्लिप भी जारी किए।
दार्जीलिंग के जिलाधिकारी और जिला निर्वाचन अधिकारी हरीश चंद्र पाणिक्कर ने वीडियो संदेश में सभी मतदाताओं से स्वतंत्र और निष्पक्ष रूप से मताधिकार का प्रयोग करने का आग्रह किया। उन्होंने आश्वासन दिया कि बिना किसी प्रलोभन या डराने-धमकाने के हिंसा मुक्त चुनाव सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त उपाय किए गए हैं। उन्होंने मतदाताओं को किसी भी चिंता के मामले में चुनाव अधिकारियों से संपर्क करने या हेल्पलाइन सेवाओं का उपयोग करने के लिए भी प्रोत्साहित किया।
करीब इसी आशय का अनुरोध दार्जीलिंग की पुलिस अधीक्षक प्रतीक्षा झारखरिया ने किया और कहा कि हालांकि इस क्षेत्र में अतीत में चुनाव संबंधी गड़बड़ी की घटनाएं देखी गई हैं, लेकिन 23 अप्रैल को होने वाले चुनाव दार्जीलिंग की लोकतांत्रिक परंपराओं को बनाए रखते हुए शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होंगे।
इस बीच सत्ताधारी दल के उम्मीदवार और सिलीगुड़ी के महापौर गौतम देब ने मतदाता सूची से कथित तौर पर नाम हटाए जाने पर चिंता जतायी। जहां एक ओर चुनाव आयोग नए मतदाताओं के नामांकन और भागीदारी को सक्रिय रूप से बढ़ावा दे रहा है, वहीं श्री देब ने दावा किया कि बड़ी संख्या में वैध मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं। हालांकि, उन्होंने राज्य सरकार की मशीनरी पर आरोप लगाने से इनकार करते हुए कहा कि नाम हटाने के मामलों पर अभी कानूनी जांच और फैसला होना बाकी है।
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