पटना , अप्रैल 15 -- जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के नेता निशांत कुमार ने रविवार को कहा कि जब भी दानवीरता और राष्ट्रभक्ति की बात होती है, भामाशाह का नाम बडे़ सम्मान के साथ लिया जाता है।

श्री कुमार ने जदयू प्रदेश कार्यालय में आयोजित भामाशाह जयंती समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि जब महाराणा प्रताप अकबर के खिलाफ संघर्ष कर रहे थे, उस कठिन समय में भामाशाह ने न केवल अपनी पूरी संपत्ति दान कर दी, बल्कि अपने दोनों पुत्रों को भी मातृभूमि की रक्षा के लिए सेना में भेजा, जो आगे चलकर वीरगति को प्राप्त हुए। उन्होंने कहा कि भामाशाह का जीवन सभी को यह सिखाता है कि धन की वास्तविक सार्थकता तभी है, जब उसका उपयोग समाज और राष्ट्रहित में किया जाए। उन्होंने कहा कि भामाशाह का जीवन निस्वार्थ सेवा, उदारता और राष्ट्रभक्ति का अद्वितीय उदाहरण है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि भामाशाह के जीवन से प्रेरणा लेकर और एकजुट होकर सभी को विकसित राष्ट्र के निर्माण की दिशा में कार्य करना चाहिए। उनके आदर्शों और नीतियों को अपने जीवन में आत्मसात कर समाज की बेहतरी के लिए समर्पित भाव से काम करना सभी नागरिकों का दायित्व है। उन्होंने कहा कि भामाशाह राष्ट्रभक्ति के प्रतीक थे। मुगलों के खिलाफ संघर्ष में उनका योगदान अतुलनीय है और उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता।

पूर्व मंत्री लेसी सिंह ने कहा कि जब महाराणा प्रताप संकट के दौर से गुजर रहे थे, उस समय भामाशाह ने अपनी पूरी संपत्ति दान कर राष्ट्रधर्म का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि भामाशाह सामाजिक समरसता के प्रतीक थे। उनके आदर्शों पर चलकर हमें समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए, तभी विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण संभव है।

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