जयपुर , जुलाई 14 -- राजस्थान सरकार भ्रष्टाचार एवं कदाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत रिश्वतखोरी, दहेज उत्पीड़न, पद के दुरुपयोग करने एवं राजकीय दायित्वों का समुचित निर्वहन नहीं करने जैसे मामलों में सख्त कार्रवाई कर रही है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार इसके तहत दहेज उत्पीड़न के प्रकरण में एक चिकित्सा अधिकारी के विरुद्ध धारा 498-ए एवं 406 भारतीय दण्ड संहिता में दोष सिद्ध होने पर उन्हें राजकीय सेवा से पदच्युत करने का निर्णय लिया गया है।
मुख्यमंत्री ने राजस्थान सिविल सेवाएं (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1958 के नियम-16 के तहत दो प्रकरणों में सेवारत अधिकारियों की वार्षिक वेतन वृद्धि रोकने तथा एक सेवानिवृत्त पशु चिकित्सा अधिकारी की 20 प्रतिशत पेंशन हमेशा के लिए रोकने का फैसला किया। इसी प्रकार, सीसीए नियम 34 में रिव्यू के पांच प्रकरणों में विभिन्न अधिकारियों की याचिकाओं को खारिज करते हुए दण्डादेश यथावत रखे गए हैं।
मुख्यमंत्री ने आपराधिक प्रकरणों में आरोपियों की मदद करने के बदले रिश्वत मांगने के एक प्रकरण में तत्कालीन वृत्ताधिकारी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा 19 तथा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 218 के प्रावधान के अन्तर्गत अभियोजन स्वीकृति जारी की है। इसी प्रकार, भीलवाड़ा के तत्कालीन सहायक वाणिज्यिक कर अधिकारी, वृत्त-ए राकेश खोईवाल के खिलाफ सीसीए नियम 16 के अंतर्गत विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने की मंजूरी दी है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित