चंडीगढ़ , जुलाई 22 -- पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि सरकार 10 हजार करोड़ रुपये का नया कर्ज लेकर पंजाब को आर्थिक संकट की ओर धकेल रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) की वित्तीय स्थिति सरकार के दावों के विपरीत गंभीर संकट में है।
श्री रंधावा ने बुधवार को जारी बयान में कहा कि राज्य सरकार लगातार पीएसपीसीएल को लाभ में चलने वाली कंपनी बताती रही है, लेकिन अब उसी कंपनी को 10 हजार करोड़ रुपये का नया कर्ज लेना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिजली सब्सिडी के भुगतान में देरी, बढ़ते बकाये और महंगी दरों पर बिजली खरीद के कारण बिजली निगम की आर्थिक स्थिति लगातार खराब हुई है। उन्होंने दावा किया कि सबसे गंभीर बात यह है कि राज्य सरकार ने कथित तौर पर अपनी ही बिजली कंपनी के कर्ज की गारंटी देने से भी इनकार कर दिया।
श्री रंधावा ने कहा कि यदि सरकार को अपनी ही कंपनी की वित्तीय स्थिति पर भरोसा नहीं है तो जनता को यह कैसे विश्वास दिलाया जा सकता है कि सब कुछ ठीक चल रहा है। उन्होंने सरकार से स्पष्ट करने की मांग की कि आखिर ऐसी कौन-सी परिस्थितियां पैदा हुईं कि 10 हजार करोड़ रुपये का ऋण लेना पड़ा और राज्य की वित्तीय स्थिति इस स्तर तक पहुंच गयी।
श्री रंधावा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से राज्य की आर्थिक स्थिति पर जवाब देने की मांग करते हुए कहा कि सरकार बताये कि पंजाब पर अब तक कितना नया कर्ज चढ़ चुका है, सरकारी कंपनियों की वास्तविक वित्तीय स्थिति क्या है और जनता के पैसे का उपयोग किन मदों में किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को प्रत्येक रुपये का हिसाब देना चाहिए।
कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया कि आज पंजाब में किसान, नौजवान, कर्मचारी और आम लोग अपनी-अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसान अपनी मांगों, युवा रोजगार और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, कर्मचारी लंबित मांगों तथा आम जनता बिजली, पानी और महंगाई जैसे मुद्दों को लेकर प्रदर्शन कर रही है। रंधावा ने दावा किया कि यह स्थिति राज्य में शासन व्यवस्था की विफलता को दर्शाती है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित