बारां , अक्टूबर 11 -- राजस्थान के बारां में भगत सिंह सेना के प्रमुख एवं किसान नेता नरेश मीणा का किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर दो अक्टूबर से चल रहा आमरण अनशन रविवार शाम को समाप्त हो गया।
विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने बारां जिला अस्पताल पहुंचकर नरेश मीणा की मां प्रेम बाई के साथ उन्हें जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया। किसानों की मांगों पर जिला प्रशासन की ओर से लिखित सहमति दिए जाने के बाद आंदोलन समाप्त करने का निर्णय लिया गया।
अनशन समाप्त होने के दौरान जिला अस्पताल में समर्थकों की भीड़ जुटी रही। नरेश मीणा के स्वास्थ्य को लेकर उनके परिजन, ग्रामीण और समर्थक लगातार चिंतित थे। सभी की ओर से उन्हें अनशन समाप्त करने के लिए समझाने का प्रयास किया जा रहा था, लेकिन वे किसानों की मांगों पर ठोस निर्णय होने तक अनशन जारी रखने के अपने संकल्प पर अडिग रहे।
लगातार 10 दिनों तक आमरण अनशन करने के कारण नरेश मीणा के स्वास्थ्य में गिरावट आने लगी थी। अनशन के नौवें दिन उनकी शुगर का स्तर काफी कम हो गया और उन्हें लगातार उल्टियां होने लगीं। स्थिति गंभीर होने पर प्रशासन ने उन्हें बारां जिला अस्पताल में भर्ती कराया जहां उनकी शुगर का स्तर 40 से 50 के बीच पहुंचने की जानकारी सामने आई थी। अस्पताल में भर्ती होने के बाद भी उन्होंने किसानों की मांगों पर ठोस निर्णय होने तक अनशन समाप्त करने से इनकार कर दिया था।
आमरण अनशन समाप्त कराने के लिए जिला कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक की मौजूदगी में किसानों के 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ वार्ता हुई। वार्ता में किसानों की खाद संबंधी समस्या, खाद की कालाबाजारी पर रोक लगाने और अन्य मांगों पर चर्चा की गई। इसके बाद प्रशासन की ओर से मांगों पर लिखित सहमति प्रदान की गई। सहमति के अनुसार जिले में पर्याप्त खाद का स्टॉक उपलब्ध कराने, खाद की कालाबाजारी रोकने और किसानों को जिले के विभिन्न स्थानों पर खाद वितरण सुनिश्चित करने की प्रक्रिया तत्काल शुरू करने पर सहमति बनी।
रविवार शाम को जिला अस्पताल में शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी, नरेश मीणा की मां प्रेम बाई, जो वर्तमान में सरपंच हैं, पूर्व सभापति कमल राठौर एवं पूर्व उपप्रधान संदीप शर्मा की मौजूदगी में नरेश मीणा ने जूस ग्रहण कर आमरण अनशन समाप्त किया।
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