पटना , अगस्त 17 -- िन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (से.) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं बिहार सरकार के लघु जल संसाधन मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन ने माउंटेन मैन दशरथ मांझी की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए केंद्र सरकार से उन्हें मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित करने की मांग की। श्री सुमन ने कहा कि दशरथ मांझी केवल गया और बिहार के गौरव नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा के महान प्रतीक हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपनी अदम्य इच्छाशक्ति और 22 वर्षों के अथक संघर्ष से पहाड़ का सीना चीरकर रास्ता बनाया। उनका यह कार्य मानव संकल्प, सामाजिक सरोकार और जनसेवा की ऐसी मिसाल है, जिसे देश हमेशा याद रखेगा। बिहार पर्यटन विभाग भी उनके 22 वर्षों के इस संघर्ष को दृढ़ संकल्प और समर्पण का प्रेरक प्रतीक बताता है।

डॉ. सुमन ने कहा कि दशरथ मांझी ने अपने व्यक्तिगत दुःख को समाज की पीड़ा से जोड़ा और ऐसा रास्ता बनाया, जिससे आने वाली पीढ़ियों का जीवन आसान हुआ। उनका जीवन गरीब, वंचित और मेहनतकश समाज के लिए आत्मविश्वास और संघर्ष की प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि भारत रत्न देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है और दशरथ मांझी जैसे असाधारण जननायक को यह सम्मान मिलना उनके संघर्ष और सामाजिक योगदान के प्रति राष्ट्र की सच्ची कृतज्ञता होगी।

डॉ. सुमन ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि दशरथ मांझी को मरणोपरांत भारत रत्न देकर बिहार के इस महान सपूत को उचित राष्ट्रीय सम्मान प्रदान किया जाए। उन्होंने कहा कि दशरथ मांझी की पुण्यतिथि पर हमें उनके संकल्प, श्रम और मानव सेवा के मार्ग पर चलने का संकल्प लेना चाहिए।

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