चंडीगढ़ , सितंबर 3 -- पंजाब प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अनुसूचित जाति मोर्चा के उपाध्यक्ष परमजीत सिंह कैथ ने नाभा विधानसभा क्षेत्र के ककराला गांव निवासी दो अनुसूचित जाति के भाइयों के साथ कथित पुलिस प्रताड़ना के मामले की निष्पक्ष, उच्चस्तरीय और समयबद्ध जांच कराने की मांग की है।
श्री कैथ ने आरोप लगाया कि चोरी के कथित झूठे मामले में पुलिस चौकी छिंटांवाला के प्रभारी पर दोनों युवकों को कथित तौर पर कपड़े उतारकर बिजली के झटके देने जैसी प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाये गये हैं। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह बेहद गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन होगा। उन्होंने कथित तौर पर पीड़ित परिवार को ही झूठे मामले में फंसाने के प्रयास पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि न्याय की मांग करने वाले परिवार को डराने या दबाव में लेने के बजाय उसकी शिकायत पर निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने आम आदमी पार्टी, कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल के स्थानीय नेताओं पर निशाना साधते हुए पूछा कि जब दो दलित युवकों से कथित प्रताड़ना के गंभीर आरोप सामने आये हैं तो ये नेता पीड़ित परिवार के पास क्यों नहीं पहुंच रहे हैं। राजनीतिक नेताओं को चुनाव के समय दलित परिवारों के साथ खड़े होने के साथ-साथ कथित अन्याय के समय भी उनकी आवाज उठानी चाहिए।उन्होंने सरकार से पीड़ित युवकों का तत्काल चिकित्सकीय परीक्षण कराने, पुलिस दबाव से मुक्त होकर उनके बयान दर्ज करने तथा जांच में आरोप सही पाये जाने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की।
श्री कैथ ने कहा कि दलितों के अधिकारों और मानवाधिकारों के मुद्दे पर किसी प्रकार का राजनीतिक दबाव या समझौता नहीं होना चाहिए तथा सरकार को पीड़ित परिवार को सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करना चाहिए।
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