चंडीगढ़ , अप्रैल, 04 -- कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं विधायक बलविंदर सिंह धालीवाल ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा ) शासित राज्यों में दलितों के खिलाफ बढ़ते अत्याचार के मामलों के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया है।

श्री धालीवाल ने शनिवार को एक बयान में कहा कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एन सी आर बी) की 2023 की रिपोर्ट ने भाजपा के "दलित विरोधी चेहरे" को बेनकाब कर दिया है। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश सबसे अधिक 15,130 मामलों के साथ पहले स्थान पर है। राजस्थान: 8,449 मामलों के साथ दूसरे स्थान पर, मध्य प्रदेश: 8,232 मामलों के साथ तीसरे स्थान पर और बिहार: 7,064 मामलों के साथ चौथे स्थान पर है। इन चारों राज्यों में भाजपा की सरकार है। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट के अनुसार, 2023 में अनुसूचित जाति के खिलाफ अत्याचार के कुल 57,789 मामले दर्ज किए गए, जो 2022 की तुलना में 0.4 प्रतिशत अधिक हैं।

श्री धालीवाल ने दलित महिलाओं की सुरक्षा पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि औसतन हर दिन 10 से अधिक दलित महिलाएं यौन शोषण का शिकार होती हैं, जो बेहद शर्मनाक है। उन्होंने दुख जताया कि दलित महिलाओं के खिलाफ यौन अपराधों में दोषसिद्धि की दर दो प्रतिशत से भी कम है, जबकि अधिकांश मामले अदालतों में लंबित पड़े हैं। उन्होंने कहा, "न्याय में देरी, न्याय न मिलने के बराबर है।"उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि अनुसूचित जनजाति के खिलाफ अपराधों में 28.8 प्रतिशत की भारी वृद्धि हुई है तथा 2023 में कुल 12,960 मामले रिपोर्ट किए गए थे। उन्होंने कहा कि दलित और आदिवासी समुदायों के खिलाफ बढ़ते अपराध देश में कानून-व्यवस्था और सामाजिक न्याय पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं।

श्री धालीवाल ने केंद्र और संबंधित राज्य सरकारों से दलितों और आदिवासियों को निशाना बनाने वाले अपराधों के खिलाफ तत्काल और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया। उन्होंने फास्ट-ट्रैक अदालतों को मजबूत किए जाने की मांग की ताकि लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा सुनिश्चित हो। उन्होंने पीड़ितों के पुनर्वास के लिए एक ठोस नीति बनाए जाने की भी मांग की।

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