नयी दिल्ली , अक्टूबर 26 -- ईरानी संसदीय शिष्टमंडल ने ब्रिक्स संसदीय मंच के पहले सत्र में अमेरिका के हमलों और प्रतिबंधों की आलोचना करते हुए कहा है कि ईरान जो दर्द झेल रहा है उसे वह कभी नहीं भूलेगा।

संसद भवन परिसर स्थित संविधान सदन में आयोजित 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच के पहले सत्र में शिष्टमंडल ने सोमवार को कहा कि अमेरिका के हमलों ने ईरान की राष्ट्रीय एकता को चोट पहुंचाई है और प्रतिबंधों ने उसके देश को पीड़ा दी है। प्रतिनिधि मंडल ने कहा कि हमलों के कारण बच्चों का सुकून छिन गया है और वे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं।

ईरानी शिष्टमंडल ने कहा कि उनका देश शांति चाहता है और उसका रुख लचीला है लेकिन इस लचीलेपन को कमजोरी नहीं समझा जाना चाहिए। उनका कहना था कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए लचीलापन आवश्यक है लेकिन सुरक्षा सुनिश्चित किए बिना यह अधूरा रहता है।

शिष्टमंडल ने सुरक्षा को आवश्यक बताया और इस बात पर जोर दिया कि सुरक्षा मानव गरिमा के अनुरूप होनी चाहिए। ऐसा कोई भी सैन्य हमला, जो मानव गरिमा के अनुकूल नहीं है, शांति नहीं ला सकता। उसने सभी देशों के लिए सुरक्षा और स्वतंत्रता सुनिश्चित करने तथा मानवता के हित में अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था विकसित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया।

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