जमुई , मई 27 -- बिहार के जमुई जिले में चर्चित दरोगा प्रभात रंजन हत्याकांड मामले में अदालत ने बुधवार को तीन दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय सुधीर सिन्हा की अदालत ने अवैध बालू कारोबार से जुड़े इस मामले में कृष्ण दास, मिथिलेश ठाकुर और पवन दास को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। अदालत ने तीनों दोषियों पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इस हत्या कांड में छह लोगों को अभियुक्त बनाया गया था।वहीं मामले में शामिल अन्य आरोपित भुलिया उर्फ झुलिया, चिंता देवी और दशरथ दास को सरकारी कार्य में बाधा डालने का दोषी पाते हुए भारतीय दंड संहिता की धारा 353 के तहत दो-दो वर्ष की सजा सुनाई गई है।

यह घटना 14 नवंबर 2023 को हुई थी। उस समय दरोगा प्रभात रंजन जमुई जिले के खैरा प्रखंड अंतर्गत गरही थाना में पदस्थापित थे। अवैध बालू खनन और तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान वह पुलिस टीम के साथ कार्रवाई करने पहुंचे थे। इसी दौरान बालू लदे ट्रैक्टर से कुचलकर उनकी हत्या कर दी गई थी।

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