दरभंगा , मई 15 -- बिहार में दरभंगा जिले की एक अदालत ने मासूम भतीजी की हत्या करने के आरोप में चाचा को सश्रम आजीवन कारावास एवं 25 हजार रूपया अर्थ दंड की सजा सुनाई है।

लोक अभियोजक अमरेन्द्र नारायण झा ने बताया कि दरभंगा व्यवहार न्यायालय के द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार पाण्डेय की अदालत ने होली के दिन एक छह साल की मासूम बच्ची की हत्या करने के जुर्म में बहादुरपुर थाना ( पतोर ओपी ) क्षेत्र के कोकट गांव निवासी भोला पासवान को आजीवन सश्रम कारावास और पच्चीस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड नहीं जमा करने पर जूर्मी को छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।

न्यायालय ने बहादुरपुर ( पतोर ओपी) थाना कांड संख्या 106/22 से बने सत्र वाद संख्या 165/23 का विचारण पूरा कर 12 मई को अभियुक्त भोला पासवान को मानव वध भारतीय दंड विधान की धारा 302 में दोषी घोषित किया था।

लोक अभियोजक अमरेन्द्र नारायण झा ने बताया कि 18 मार्च 2022 को होली के दिन पतोर ओपी क्षेत्र के कोकट गांव में संगम लाल पासवान का सहोदर भाई भोला पासवान अपने हाथ में लकड़ी का चैला लेकर अपने भाई के घर पर आकर गाली-गलौज हल्ला-गुल्ला कर रहा था। जब उसकी माँ कमली देवी ने मना किया तो चैला से सिर पर प्रहार कर पहले मां का सिर फोड़ दिया। इसी दौरान उसकी छह साल की मासूम भतीजी अन्नू कुमारी हाथों में अबीर लिए आई जिसके सिर पर भी भोला ने लकड़ी के चैला से प्रहार किया जिससे घटनास्थल पर उसकी मौत हो गई। इस घटना की प्राथमिकी संगम लाल पासवान ने बहादुरपुर थाना ( पतोरओपी) में कांड संख्या 106/22 भारतीय दंड विधान की धारा 341, 323 307, 302, 504, 506 के तहत अपने भाई के विरुद्ध दर्ज कराया। सत्रवाद के विचारण मे अपर लोक अभियोजक चम्पा मुखर्जी ने आईओ, डाक्टर समेत कुल पांच गवाहों की गवाही कराई और अन्ततः अभियोजन पक्ष अभियुक्त का जुर्म साबित करने में सफल रहा। श्रीमती मुखर्जी ने बताया कि हत्यारा भोला पासवान चार साल एक महीने से काराधीन है।

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