भिवानी , मई 03 -- हरियाणा प्रदेश में दमकल विभाग के कर्मचारियों का आंदोलन निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। अपनी मांगों और शहीदों को सम्मान दिलाने के लिए चल रही हड़ताल रविवार को 26वें दिन में प्रवेश कर गई, जबकि क्रमिक भूख हड़ताल का नौवां दिन रहा।

सरकार की कथित उदासीनता से नाराज सर्व कर्मचारी संघ के जिला पदाधिकारियों ने खुद कमान संभालते हुए भूख हड़ताल शुरू कर दी। धरने की शुरुआत भावुक माहौल में हुई। कामरेड ओमप्रकाश ने भूख हड़ताल पर बैठे पदाधिकारियों को फूल-मालाएं पहनाकर संघर्ष को नमन किया।

भूख हड़ताल पर सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान सुमेर सिंह आर्य, जिला सचिव धर्मवीर भाटी, राज्य सचिव अशोक पिलानिया, सह सचिव जोगेंद्र सिंह पिलानिया और देवेंद्र श्योराण बैठे। धरने पर बैठे लोगों को संबोधित करते हुए जिला वरिष्ठ उप प्रधान सूरजभान जटासरा ने सरकार की दोहरी नीति पर सवाल उठाए। उन्होंने फरीदाबाद अग्निकांड का जिक्र करते हुए कहा कि आग बुझाते समय फायर कर्मचारी भवीचंद शर्मा और रणवीर सिंह शहीद हुए, साथ ही एक पुलिसकर्मी भी शहीद हुआ। पुलिसकर्मी को एक करोड़ मुआवजा, नौकरी और शहीद का दर्जा मिला, लेकिन फायर कर्मचारियों के लिए केवल 20 लाख का प्रावधान किया गया।

जटासरा ने कहा कि फायर ब्रिगेड की नौकरी पुलिस से अधिक जोखिम भरी है, फिर भी न जोखिम भत्ता मिलता है न शहादत के बाद सम्मान। दमकल कर्मियों के समर्थन में अब नगर पालिका कर्मचारी संघ, किसान और मजदूर संगठन भी जुड़ गए हैं। हड़ताल अनिश्चितकालीन होने से शहरों की सफाई व्यवस्था चरमरा गई है और दमकल सेवाएं प्रभावित होने से जान-माल के नुकसान का खतरा बढ़ गया है।

नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द मांगें नहीं मानीं तो आंदोलन और उग्र होगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

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