अलवर , अगस्त 22 -- राजस्थान में अलवर जिले के टहला थाना क्षेत्र में करीब 18 वर्षों से परम्परानुसार चली आ रही दण्डवत यात्रा के शनिवार को भानगढ़ पहुंचने पर पुरातत्व विभाग के अधिकारियों द्वारा भानगढ़ का मुख्य द्वार नहीं खोलने पर श्रद्धालुओं में आक्रोश व्याप्त हो गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार अठारहवीं दंडवत यात्रा शनिवार सुबह पांच बजे भानगढ़ मोड़ से रवाना हुई, जो करीब 10 बजे भानगढ़ के मुख्य प्रवेश द्वार पर पहुंची। इसके बाद हनुमान मंदिर से भोमिया जी मंदिर के लिए मुख्य द्वार नहीं खोलने पर करीब एक हजार श्रद्धालुओं ने विरोध प्रदर्शन करते हुए पुरातत्व विभाग मुर्दाबाद के नारे लगाये गये। अभी विरोध प्रदर्शन जारी है, लेकिन पुरातत्व विभाग सहित स्थानीय अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे।
ग्रामीणों ने बताया कि दण्डवत यात्रा हर वर्ष गोलाकाबास से भानगढ़ आती है। हर वर्ष की भांति आज भी पदयात्रा भानगढ़ पहुंची, जहां पुरातत्व विभाग ने पदयात्रा को प्रवेश नहीं करने दिया, जबकि करीब 18 वर्षों से यह दण्डवत पदयात्रा आती रही है। उन्होंने बताया कि जब तक यह द्वार नहीं खुलता, धरना जारी रखेगे। इस सम्बंध में टहला थानाधिकारी को दूरभाष पर ग्रामीणों द्वारा अवगत करवा दिया है।
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