चेन्नई , नवंबर 18 -- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बुधवार को तमिलनाडु की वस्त्र नगरी कोयंबटूर के दौरे पर आयेंगे और यहां दक्षिण भारत प्राकृतिक कृषि शिखर सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे।
प्रधानमंत्री के दौरे के मद्देनजर 3,000 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती के साथ, यंबटूर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
श्री मोदी कोयंबटूर जिला लघु उद्योग संघ व्यापार मेला परिसर में इस शिखर सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। बाद में वह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की तमिलनाडु इकाई के नेताओं और गठबंधन पार्टी के नेता एवं अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (एआएडीएमके) के महासचिव एडप्पादी के पलानीस्वामी से मिलेंगे। इस मुलाकात में आगामी 6-7 महीनों में तमिलनाडु में होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारियों और अन्य समान विचारधारा वाले दलों को शामिल करके राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को मजबूत करने पर चर्चा किये जाने की उम्मीद है।
भाजपा सूत्रों ने बताया कि बिहार चुनावों में शानदार जीत से उत्साहित, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा सहित भाजपा के शीर्ष नेताओं के चुनाव प्रचार और गठबंधन की रणनीति को अंतिम रूप देने के लिए राज्य का दौरा करने की उम्मीद है।
भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष और विधायक सुश्री वनथी श्रीनिवासन ने बिहार में राजग की जीत पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि 2026 के चुनावों में तमिलनाडु में भी ऐसा ही परिणाम देखने को मिलेगा।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि श्री मोदी के दौरे को देखते हुए कोयंबटूर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और दो दिनों के लिए ड्रोन व अन्य मानवरहित विमानों की उड़ान पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। यातायात में बदलाव की भी घोषणा की गई है और वाहनों की जाँच तेज़ कर दी गई है। संवेदनशील और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं, जहाँ चौबीसों घंटे गश्त के साथ कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
प्रधानमंत्री आंध्र प्रदेश के पुट्टपर्थी से दोपहर 1:00 बजे कोयंबटूर हवाई अड्डे पर पहुँचने के तुरंत बाद भाजपा और गठबंधन दलों के नेताओं द्वारा एक संक्षिप्त स्वागत के बाद दोपहर 1:30 बजे दक्षिण भारत प्राकृतिक कृषि शिखर सम्मेलन-2025 का उद्घाटन करने के लिए व्यापार मेला परिसर जाएँगे। इस शिखर सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना और सुरक्षित खाद्य उत्पादन सुनिश्चित करने के साथ- साथ किसानों की आजीविका में सुधार लाना है। इस तीन दिवसीय शिखर सम्मेलन का विषय 'परंपरा में निहित भविष्य के लिए खेती' है।
शिखर सम्मेलन में 30,000 से अधिक प्रतिभागियों का एक राज्य-स्तरीय संगम आयोजित किया जाएगा, जिसमें किसान, कृषि उद्यमी, नीति निर्माता, प्राकृतिक खेती के समर्थक, स्टार्टअप, शिक्षाविद, उपभोक्ता समूह और युवा नेता शामिल होंगे। इसका उद्देश्य प्राकृतिक खेती और पारंपरिक खाद्य प्रणालियों को व्यापक पैमाने पर अपनाने को बढ़ावा देना, किसान-उत्पादक संगठनों और ग्रामीण उद्यमियों के लिए बाज़ार संपर्क बनाना है। साथ ही कृषि-प्रसंस्करण, इको-पैकेजिंग और स्वदेशी तकनीक में नवाचारों और उपकरणों का प्रदर्शन करना है।
सम्मेलन का एक अन्य प्रमुख उद्देश्य युवाओं और महिलाओं को प्रशिक्षण और उद्यम विकास के माध्यम से सशक्त बनाना। इसके अतिरिक्त जलवायु अनुकूल कृषि और मृदा स्वास्थ्य के बारे में जागरुकता फैलाना है।
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