, Jan. 28 -- सोल, 28 जनवरी (वार्ता/ शिन्हुआ) दक्षिण कोरिया के पूर्व राष्ट्रपति यून सुक-योल की पत्नी किम कोन-ही को रिश्वत लेने के आरोप में 20 महीने जेल की सज़ा सुनायी गयी है।

सोल की केंद्रीय जिला अदालत ने बुधवार को 1.28 करोड़ वॉन (लगभग 9,010 अमेरिकी डॉलर) की ज़ब्ती के साथ जेल की सज़ा सुनायी। अदालत ने कहा कि किम ने प्रथम महिला के तौर पर अपने प्रभाव का इस्तेमाल निजी फायदे के लिए किया। अदालत ने हालांकि उन्हें 'कैपिटल मार्केट्स एक्ट' और 'पॉलिटिकल फंड्स एक्ट' के उल्लंघन के आरोपों से बरी कर दिया।

किम पर 2022 में यूनिफिकेशन चर्च को फायदा पहुंचाने के बदले में इस धार्मिक समूह के अधिकारियों से कीमती सामान लेने का आरोप था। अदालत ने स्टॉक हेरफेर में किम की संलिप्तता के विशेष अधिवक्ता के दावे को भी खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि अगर वह स्टॉक की कीमतों में हेरफेर के बारे में जानती भी थीं, तो भी उनकी मिलीभगत की पुष्टि करना मुश्किल था।

किम पर पिछले साल अगस्त में हिरासत में रहते हुए अक्टूबर 2010 और दिसंबर 2012 के बीच स्टॉक की कीमतों में हेरफेर में शामिल होने के आरोप में मुकदमा चलाया गया था। उन पर राष्ट्रपति चुनाव से पहले अप्रैल 2021 से मार्च 2022 तक 58 मौकों पर एक राजनीतिक दलाल से लगभग 27 करोड़ वॉन के अवैध जनमत सर्वेक्षण परिणाम मुफ्त में प्राप्त करने के लिए यून के साथ साजिश रचने का भी आरोप था।

अदालत ने हालांकि फैसला सुनाया कि राष्ट्रपति दंपति द्वारा जनमत सर्वेक्षणों का आदेश देने का कोई सबूत नहीं था। इस फैसले के अलावा, किम पर पार्टी के राष्ट्रीय सम्मेलन में एक विशिष्ट उम्मीदवार को पार्टी नेता के रूप में समर्थन देने के लिए पीपल्स पावर पार्टी में यूनिफिकेशन चर्च के सदस्यों के बड़े पैमाने पर नामांकन का अनुरोध करने का भी आरोप था। उन पर व्यापारिक फायदे देने और सरकारी पद बेचने के बदले में कीमती सामान स्वीकार करने का भी आरोप था।

उल्लेखनीय है कि किम पहली ऐसी महिला हैं, जिन पर दक्षिण कोरिया के पूर्व राष्ट्रपति की पत्नी रहते हुए हिरासत में मुकदमा चलाया गया।

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